अलवर

Shahari Seva Shivir : आज से ‘शहरी सेवा शिविर’ शुरू, पट्टों की राशि पर मिलेगी 60 प्रतिशत की छूट

Shahari Seva Shivir : शहरी निवासियों के लिए आज से 'शहरी सेवा शिविर' शुरू हो गए हैं, जो 15 जुलाई तक चलेंगे। इन शिविरों में लोगों को पट्टों की राशि और नियमन (रेगुलराइजेशन) में 60 फीसदी तक की छूट दी जा रही है।

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Jun 12, 2026
shahari seva shivir
राजस्थान के सीएम भजनलाल (फाइल फोटो - पत्रिका)

सरकार शुक्रवार से शहरी सेवा शिविर के माध्यम से जनता को राहत देने जा रही है। इन शिविरों में पट्टों की राशि से लेकर नियमितिकरण में विशेष छूट मिलेगी। इसके अलावा यूआइटी व नगर निगम की ओर से दी जा रही सुविधाओं पर विशेष रियायत देने की तैयारी है।

इसके लिए यूआइटी व नगर निगम अपने-अपने परिसर में शिविर लगाएंगे, जो 15 जुलाई तक चलेंगे। अलवर यूआइटी के उप सचिव जीतेंद्र सिंह नरूका ने बताया कि इन शिविरों के जरिए जनता का बड़ा फायदा होने वाला है। लोग यूआइटी में लगे शिविर में आकर अपने कार्य करवा सकते हैं।

यह मिलेगी छूट

  • पिछले वर्षों की बकाया लीज राशि वर्ष 2025-26 तक एक मुश्त जमा करने पर ब्याज में सौ प्रतिशत छूट मिलेगी।
  • बकाया लीज राशि अभियान अवधि में जमा कराने पर व फ्री होल्ड के लिए 10 वर्षों व लीज मुक्ति के लिए 8 वर्ष की लीज राशि शहरी सेवा शिविर में अग्रिम एकमुश्त जमा कराने पर बकाया लीज राशि में 60 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
  • शहरी सेवा शिविर 2025 में वैकल्पिक दस्तावेज को मान्य नहीं किया गया था, इसलिए इस शिविर में भी इन दस्तावेजों को कोई मान्यता नहीं मिलेगी। वर्ष 2015 की मूल अधिसूचना के अनुसार कार्रवाई होगी।
  • राजकीय भूमि पर बसी कॉलोनियों की नियमन की कटऑफ डेट 1 जनवरी, 2013 रखते हुए, राजकीय भूमि नियमन आवासीय आरक्षित दर, आवासीय डीएलसी दर, जो भी अधिक हो, की 25 प्रतिशत दर पर किया जाएगा।
  • सड़क की चौड़ाई 60 फीट और उससे अधिक होने पर नियमन नहीं किया जाएगा। ऐसी कॉलोनियों में वर्तमान में जो भूखंड मौके पर खाली हैं, उन्हें नगर निकाय अपने कब्जे में लेकर नियमों के तहत नीलाम करेगी।
  • कच्ची बस्तियों के पट्टों को लेकर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। पूर्व के दस्तावेज नगर निगम व यूआइटी देखेंगे।
  • नामांतरण, लीज होल्ड से फ्री होल्ड, एनओसी उप विभाजन-पुनर्गठन के प्रकरणों में मौका निरीक्षण नहीं किया जाएगा।
  • शिविर में आवेदन ऑनलाइन ही स्वीकार होंगे। ऑफलाइन आवेदन मिलने पर उन्हें निकाय की ओर से ऑनलाइन किया जाएगा।
  • कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों को भी राहत मिलेगी, लेकिन यह कॉलोनियां 2021 से पहले बनी हाें और वहां 10 प्रतिशत से अधिक निर्माण हुआ हो और वहां के लोगों के पास पानी-बिजली के बिल होंगे, तो उस कॉलोनी का ले-आउट प्लान समिति पास करेगी।
  • भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क तय किया गया है। 500 वर्गमीटर तक 50 प्रतिशत, 500 से 1 हजार वर्ग मीटर तक 25 प्रतिशत तक व 1 हजार वर्गमीटर से अधिक में कोई छूट नहीं मिलेगी।
Published on:
12 Jun 2026 12:09 pm