
राजस्थान के अलवर शहर की पॉश शांतिकुंज कॉलोनी में इन दिनों बदमाशां और संदिग्ध लोगों की बढ़ती आवाजाही ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। हाल ही में घटी एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में असुरक्षा और खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, गत 21 जुलाई की देर रात करीब 2 बजे 6 अज्ञात और संदिग्ध युवक कॉलोनी में दाखिल हुए।
ये युवक चेहरे पर कपड़ा बांधे हुए थे और सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक हथियारों से लैस नजर आ रहे थे। युवकों ने कॉलोनी के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में स्थित कई मकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। वारदात को अंजाम देने के मकसद से इन्होंने कई घरों के मुख्य दरवाजे बाहर से बंद कर दिए और कुंडी लगा दी, ताकि अंदर मौजूद लोग बाहर न आ सकें। हालांकि, इसी दौरान कुछ घरों में आहट पाकर लोगों की नींद खुल गई और वे सतर्क हो गए। लोगों की मुस्तैदी की वजह से एक बड़ी वारदात होने से टल गई।
इसके ठीक अगले दिन, यानी 22 जुलाई की रात को भी इन्हीं संदिग्ध युवकों की ओर से एक मकान पर पत्थर फेंकने की घटना सामने आई। लगातार दो दिनों तक हुई इन हरकतों के बाद से कॉलोनी के लोग बेहद डरे हुए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शांतिकुंज कॉलोनी में पिछले कुछ महीनों से बाहरी और संदिग्ध लोगों का आना-जाना काफी बढ़ गया है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि शांति कुंज कॉम्प्लेक्स के आसपास शाम ढलते ही बाहरी युवकों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। ये युवक वहां खुलेआम नशा करते हैं और देर रात तक हुड़दंग मचाते हैं। कई बार ये संदिग्ध युवक सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
घटना के विरोध में हाउसिंग बोर्ड वेलफेयर समिति आगे आई है। समिति के अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल के नेतृत्व में अरावली विहार थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही पूरी घटना के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपे गए हैं ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
समिति ने अलवर जिला कलक्टर और एसपी को भी मामले से अवगत कराया है। निवासियों की मांग है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और नशेड़ियों के जमावड़े पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अप्रिय घटना से बचा जा सके।