अलवर जिला परिषद की बैठक में जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर ने कलक्टर आर्तिका शुक्ला की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए। छिल्लर ने कहा कि 'आर्तिका शुक्ला कलक्टर बनने के योग्य नहीं हैं।
अलवर। जिला परिषद की साधारण सभा के दौरान गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर ने अलवर कलक्टर आर्तिका शुक्ला की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए। छिल्लर ने कहा कि 'आर्तिका शुक्ला कलक्टर बनने के योग्य नहीं हैं। उनके खिलाफ सरकार को पत्र लिखा जाएगा। आखिर वे कब तक छुपकर काम करेंगी।'?
जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर इस दौरान कलक्टर आर्तिका शुक्ला पर काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने कहा कि 'आज तक आर्तिका शुक्ला मीटिंग में नहीं आईं, न ही उन्होंने अपना कोई प्रतिनिधि भेजा। आज भी उनका कोई प्रतिनिधि बैठक में नहीं पहुंचा। उनके खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा कि वे कलेक्टर पद के योग्य नहीं हैं। वे प्रशासनिक ढांचे को खराब कर रही हैं।'
छिल्लर यहीं नहीं रुके, वे बोले- कलेक्टर नहीं आ रही हैं, हम निंदा करते हैं। वे क्यों नहीं आ रही? गद्दी पर बलवीर छिल्लर बैठा है, इसलिए नहीं आ रहीं क्या ? इस पर कुछ जिला पार्षदों ने कहा कि तीनों जिलों के अधिकारियों को साधारण सभा में आना चाहिए अथवा अपने प्रतिनिधि भेजने चाहिए। कांग्रेस के पार्षदों ने कहा कि सांसद का होना भी जरूरी है, लेकिन वे एक भी बैठक में नहीं आए।
दरअसल, अलवर जिला परिषद की साधारण सभा में उस वक्त हंगामा हो गया, जब कांग्रेस के जिला पार्षद ने सवाल उठाया कि तीनों जिलों में 3 सांसद, 11 विधायक, 3 कलक्टर व 3 एसपी हैं, फिर भी साधारण सभा में नहीं आते। अलवर सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव तो अब तक एक बार भी साधारण सभा में नहीं आए। ऐसे में जिले का विकास कैसे होगा?
यह कहते ही भाजपा के एक पार्षद ने विरोध किया कि सांसद का नाम न लें। इसे लेकर पहले बहस हुई और फिर हंगामा शुरू हो गया। काफी देर बाद अध्यक्षता कर रहे जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया।
जिला परिषद के सभागार में साधारण सभा की बैठक सुबह 11 बजे होनी थी, लेकिन कम जिला पार्षद पहुंचे, जिससे कोरम पूरा नहीं हो पाया। करीब एक घंटा इंतजार करने के बाद 12 बजे बैठक शुरू हो पाई। एक जिला पार्षद ने कहा कि अलवर, खैरथल-तिजारा व कोटपूतली-बहरोड़ जिले अलवर जिला परिषद के अंतर्गत आते हैं। तीनों जिलों के कलक्टर व एसपी का साधारण सभा में होना जरूरी है। ये अधिकारी नहीं आएंगे, तो जिला पार्षद अपनी बात किसके सामने रखेंगे?
इससे पूर्व बैठक शुरू होते ही जिला पार्षद जगदीश जाटव रसोई गैस सिलेंडर लेकर साधारण सभा में पहुंच गए। उन्होंने कहा कि कई दिन से रसोई गैस नहीं मिल रही है। इस पर जिला प्रमुख ने कहा कि अब गैस की किल्लत नहीं है। बैठक के दौरान जिला परिषद के सीईओ सालुखे गौरव रविंद्र भी मौजूद रहे।