
अलवर शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल भूगोर तिराहे से हनुमान सर्किल तक की सड़क अब पहले से ज्यादा चौड़ी हो सकती है। इस सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी एनएच की ओर से केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। अब इस परियोजना पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद होगा। मंजूरी मिलते ही सड़क चौड़ीकरण के साथ कटीघाटी अंडरपास और ओवरब्रिज को फोरलेन बनाने का काम शुरू किया जाएगा।
यह पूरा मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-248ए (NH-248A) का हिस्सा है। इसलिए इसकी स्वीकृति और बजट जारी करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। करीब एक साल पहले इस सड़क के चौड़ीकरण की घोषणा की गई थी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी एनएच ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की। विभाग ने हाल ही में यह डीपीआर केंद्र सरकार को भेज दी है।
परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कटीघाटी होगा। यहां मौजूद तेज मोड़ को सड़क सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरा माना जाता है। इंजीनियरों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऐसे मोड़ दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं। इसी कारण योजना में घाटी के हिस्से को काटकर अंडरपास बनाया जाएगा, जिससे वाहन बिना किसी तीखे मोड़ के सीधे भूगोर तिराहे से हनुमान सर्किल तक आ-जा सकेंगे। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और हादसों की संभावना भी घटेगी।
सिर्फ अंडरपास ही नहीं, बल्कि इस मार्ग पर बने मौजूदा ओवरब्रिज को भी फोरलेन किया जाएगा। अभी यह पुल संकरा होने के कारण पीक आवर्स में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। सड़क चौड़ी होने के बाद वाहनों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
पीडब्ल्यूडी एनएच के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। केंद्र से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस परियोजना का असर आसपास के इलाकों की जमीनों पर भी दिखाई देने लगा है। भूगोर तिराहे से हनुमान सर्किल तक करीब चार किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर अंबेडकर नगर, लक्ष्मी नगर सहित कई निजी कॉलोनियां और बिल्डरों के अपार्टमेंट मौजूद हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क चौड़ी होने से इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और जमीन व मकानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। कई बिल्डरों ने तो परियोजना की चर्चा शुरू होते ही अपने प्रोजेक्ट्स की कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं।