Alwar News : कल्पना कीजिए, आपकी कार घर के बाहर खड़ी है और टोल टैक्स कट जाए। आप कहेंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है। लेकिन यकीन मानिए ऐसा हो रहा है।
सुजीत कुमार
Alwar News : कल्पना कीजिए, आपकी कार घर के बाहर खड़ी है और टोल टैक्स कट जाए। आप कहेंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है। लेकिन यकीन मानिए ऐसा हो रहा है। दरअसल, साइबर ठगों ने फास्टैग में सेंधमारी शुरू कर दी है। घरों के बाहर खड़ी गाडि़यों के टोल टैक्स कट रहे हैं। उनके फास्टैग अकाउंट में से पैसे उड़ाए जा रहे हैं। अलवर सहित प्रदेशभर में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। वाहन मालिक के मोबाइल पर टोल टैक्स कटने का मैसेज पहुंचता है। कम राशि की ठगी होने के कारण इसकी शिकायत पुलिस तक नहीं करते।
ऐसे होती है ठगी
-ठग मोबाइल के आकार की डिवाइस रखते हैं। ये घरों के बाहर या फिर बाजार व पार्किंग में खड़ी गाडि़यों को निशाना बनाते हैं।
-गाड़ी के फ्रंट कांच पर लगे फास्टैग को स्कैन करते हैं और फिर फास्टैग अकाउंट से 40 से 150 रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर फरार हो जाते हैं।
-सड़क पर दौड़ रही गाडि़यों के आगे ठग बाइक लेकर आते हैं और फास्टैग स्कैन ठगी कर रहे हैं।
साइबर एक्सपर्ट जता रहे ये आशंका
-घरों के बाहर खड़ी गाडि़यों के 100-200 किलोमीटर दूर िस्थत टोल नाकों पर टोल टैक्स कट रहे हैं। इसमें टोलकर्मी भी शामिल हो सकते हैं।
-टोल प्लाजा के सर्वर को हैक कर भी ठगी की आशंका
-टोल प्लाजा के आसपास फास्टैग लगाने वाले कई वेंडर बैठे होते हैं। यहां भी ठगी की आशंका।
जैसा कि साइबर एक्सपर्ट पुलिस इंस्पेक्टर अरुण पूनिया ने पत्रिका को बताया
केस-एक
अलवर शहर में स्कीम नंबर दो निवासी चरणपाल सिंह की फॉरच्यूनर कार 29 मई की सुबह घर के बाहर खड़ी थी। ठगों ने फास्टैग को स्कैन कर 80 रुपए उड़ा लिए। उनके मोबाइल पर 10.24 बजे ब्यावर-उदयपुर के बीच िस्थत अरोली टोल प्लाजा पर टोल टैक्स कटने का मैसेज आया।
केस-दो
अलवर के स्कीम-2 निवासी गुरप्रीत सिंह के मोबाइल पर 20 मई को शाम 7.12 बजे उनकी आरजे-02 यूई-6666 स्कोर्पियो कार का रेवाड़ी के खलीलपुर टोल प्लाजा पर टोल टैक्स कटने का मैसेज आया। जबकि इस दौरान की कार घर के बाहर खड़ी थी।
एक्सपर्ट व्यू
साइबर ठग नए-नए तौर-तरीकों से फ्रॉड कर रहे हैं। जिनमें एक तरीका फास्टैग ठगी का भी हो सकता है। जयपुर रेंज के अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और भिवाड़ी पुलिस जिलों में साइबर ठगों के खिलाफ ऑपरेशन एंटी वायरस शुरू किया गया है। जिसके तहत योजनाबद्ध तरीके से साइबर ठगों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।