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Mustard Rate Hike : पीली सरसों से पट गई खैरथल मंडी, मिल रहा ₹6400 प्रति क्विंटल का भाव, किसान खुशी से झूमे

Mustard Rate Hike : खैरथल की कृषि उपज मंडी इन दिनों पीली सरसों की खुशबू और किसानों के उत्साह से सराबोर है। मंडी में प्रतिदिन लगभग 1000 से 1200 कट्टों की आवक है। किसानों को 5400 से 6400 रुपए प्रति क्विंटल तक के भाव मिल रहे हैं। पैदावार और रेट की वजह से किसान खुशी से झूम रहे हैं।

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Feb 21, 2026
Mustard Rate Hike Khairthal Mandi filled yellow mustard Getting a price of ₹6400 per quintal farmers rejoice
खैरथल। कृषि उपज मंडी में नीलामी स्थल पर लगी सरसों की ढेरियां और बोली लगाते व्यापारी। फोटो पत्रिका

Mustard Rate Hike : रबी सीजन के चरम पर पहुंचते ही खैरथल की कृषि उपज मंडी इन दिनों पीली सरसों की खुशबू और किसानों के उत्साह से सराबोर है। मावठ के बाद आई नई फसल ने मंडी को मानो पीले सोने से भर दिया है। चौखे दाम और बेहतर उत्पादन ने किसानों के चेहरों पर संतोष की चमक ला दी है।

कृषि उपज मंडी खैरथल में वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1000 से 1200 कट्टों की आवक हो रही है, जबकि आगामी एक सप्ताह में यह आंकड़ा कई गुना बढ़ने की संभावना है। मंडी में गुणवत्ता और नमी के आधार पर सरसों के भाव 5400 से 6400 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार सामान्यतः सूखे माल में 7 प्रतिशत तक नमी रहती है, लेकिन हालिया बारिश के कारण 8 से 25 प्रतिशत तक नमी वाला माल भी पहुंच रहा है। इसके बावजूद बाजार में दाम संतोषजनक बने हुए हैं।

मावठ ने किया अमृत का काम

किसानों का कहना है कि मावठ ने फसल के लिए अमृत का कार्य किया। हालांकि बरसात से पकाव में करीब एक सप्ताह की देरी हुई, लेकिन दानों का भराव बेहतर हुआ है। सहायक निदेशक क़ृषि खैरथल पवन यादव के अनुसार समय पर हुई वर्षा से उत्पादन में वृद्धि हुई है और गुणवत्ता भी सुधरी है।

जिले में इस बार करीब 84,995 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बुवाई की गई है। उत्पादन बढ़ने के साथ ही मंडी में आवक का ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा है। व्यापारियों का अनुमान है कि माह के अंतिम सप्ताह तक प्रतिदिन 8 हजार से 10 हजार कट्टों की आवक दर्ज हो सकती है।

सरसों की पैदावार अच्छी, किसानों को मिल रहे अच्छे दाम - सर्वेश गुप्ता

कृषि उपज मंडी व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता ने बताया कि इस बार सरसों की पैदावार अच्छी है और दाम भी किसानों के हित में बने हुए हैं। बाहर के जिलों से भी खरीदार सक्रिय हैं, जिससे प्रतिस्पर्धी बोली लग रही है। उन्होंने कहा कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो आने वाले दिनों में आवक और बढ़ेगी तथा मंडी में व्यापारिक गतिविधियां और तेज होंगी।

नीलामी स्थल पर बढ़ी रौनक

मंडी परिसर में जगह-जगह सरसों की ढेरियां लगी हैं। खरीदारों-किसानों की चहल-पहल से नीलामी स्थल गुलजार नजर आ रहा है। सरसों के अलावा बाजरा 1750 से 1900 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। मौसम साफ रहने पर अगले सप्ताह से सूखे माल की मात्रा बढ़ने और भावों में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

किसानों की मांग

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नीलामी के दिन ही तुलाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और भुगतान में देरी न हो। साथ ही बढ़ती आवक को देखते हुए मंडी परिसर में सफाई और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की भी जरूरत बताई है।

कुल मिलाकर चौखे दाम, बेहतर उत्पादन और बढ़ती व्यापारिक सक्रियता के चलते खैरथल मंडी इन दिनों पीली सरसों की आभा से जगमगा रही है। यदि मौसम मेहरबान रहा तो आने वाले दिनों में यह रौनक और भी बढ़ने के आसार हैं।

Published on:
21 Feb 2026 10:38 am