
अलवर। बहरोड़ के इंदिरा कॉलोनी में 19 वर्षीय छात्रा कामाक्षी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया और मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि इंदिरा कॉलोनी निवासी जगदीश प्रसाद की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे कामाक्षी की मां, जो एक सरकारी शिक्षिका हैं, स्कूल से घर लौटीं। घर पहुंचने पर उन्होंने अपनी बेटी कामाक्षी को कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। उन्होंने तुरंत अपने पति जगदीश प्रसाद को सूचना दी।
जिसके बाद पिता तत्काल मौके पर पहुंचे और कामाक्षी को उपचार के लिए बहरोड़ के निजी अस्पताल लेकर गए,जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कामाक्षी ने हाल ही में नीट परीक्षा दी थी। परीक्षा अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने की चिंता के चलते वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। कामाक्षी तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उसके पिता निजी शिक्षक हैं। परिवार के अनुसार उसका सपना डॉक्टर बनने का था और इसी उद्देश्य से उसने नीट परीक्षा की तैयारी कर परीक्षा दी थी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक्स पर लिखा कि बहरोड़ की होनहार बेटी, NEET की छात्रा कामाक्षी के सुसाइड का समाचार अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति एवं संबल दें।
बता दें कि इससे पहले अलवर की एक छात्रा ने जून महीने में खुदकुशी कर ली थी। भनोखर निवासी 18 वर्षीय छात्रा रेणु मीणा दिल्ली में नीट की तैयारी कर रही थी। जिसने 21 जून होने वाली री-नीट परीक्षा से पहले दिल्ली के फ्लैट में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। वह दिल्ली में अपनी तीन बहन और एक भाई के साथ फ्लैट में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। 14 जून की शाम सभी भाई-बहन लाइब्रेरी से लौटे। इसके बाद रेणु अपने कमरे में चली गई थी। कुछ देर बाद भाई-बहनों ने रेणु को चाय पीने के लिए आवाज लगाई तो अंदर से कोई जवाब नहीं आई थी। कमरे का दरवाजा खोला तो रेणु का शव रोशनदान में फंदे पर लटका हुआ मिला था।