
खैरथल तिजारा: अंधविश्वास और ज्यादा पैसा कमाने के लालच में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस बार ठग कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित का अपना समधी ही निकला। समधी ने तांत्रिक क्रियाओं और दैवीय शक्तियों के नाम पर अपने ही समधी से 11.68 लाख रुपए ठग लिए। जब एक महीने बाद पीड़ित ने पैसों से भरा सूटकेस खोला, तो उसके होश उड़ गए, उसमें नोटों की जगह ईंट-पत्थर भरे हुए थे।
यह सनसनीखेज मामला खैरथल-तिजारा जिले का है। पतलिया गांव के रहने वाले जनक कुमार शर्मा ने खैरथल थाने में इस धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जनक कुमार ने बताया कि उनकी बेटी सलोनी की शादी खैरथल के दांतला चौक निवासी एक परिवार में हुई है।
उनकी बेटी के ससुर (समधी) राजेंद्र प्रसाद ने खुद के पास दैवीय शक्तियां होने का दावा किया। राजेंद्र ने जनक कुमार को झांसा दिया कि वह एक मौलवी के जरिए पैसों को दोगुना-चौगुना कर सकता है। पारिवारिक रिश्ता होने के कारण जनक कुमार उसकी बातों में आ गए।
सबसे पहले पूजा-पाठ के नाम पर पीड़ित से 11 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद और ज्यादा पैसों का दबाव बनाया गया। पीड़ित ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों से उधार मांगकर कुल 11 लाख 68 हजार रुपए राजेंद्र को दे दिए।
रकम लेने के बाद राजेंद्र और उसका बेटा, पीड़ित जनक कुमार को हरियाणा के पुनहाना ले गए। वहां मौलवी आबिद के पास एक अंधेरे कमरे में कथित तांत्रिक अनुष्ठान कराया गया और पीड़ित को भ्रमित किया गया।
अनुष्ठान के बाद आरोपियों ने पीड़ित को एक भारी सूटकेस सौंपा। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि इसे एक महीने से पहले मत खोलना, नहीं तो सारी दौलत गायब हो जाएगी। डरे और लालच में आए पीड़ित ने एक महीने तक इंतजार किया। जब तय समय के बाद सूटकेस खोला गया, तो उसमें सिर्फ ईंट और पत्थर मिले।
ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी राजेंद्र प्रसाद पर पहले भी 32 लाख रुपए की ठगी का आरोप लग चुका है। वह आदतन ठग है। धोखाधड़ी का अहसास होने पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगा।
विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों के सामने लिखित आश्वासन भी दिया गया, लेकिन पैसे नहीं लौटाए गए। थक-हारकर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली। गुरुवार को खैरथल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।