
Payal Jangid Alwar: थानागाजी क्षेत्र के हींसला गांव की पायल जांगिड़ को बाल विवाह व बालश्रम का विरोध करने पर अमरीका में बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से चेंजमेकर अवॉर्ड मिल चुका है।
खुद के बाल विवाह का विरोध कर सुर्खियों में आई पायल जांगिड़ अपनी जैसी अन्य बेटियों के लिए नजीर बन गई। स्कूल में पढ़ाई के दौरान पायल कैलाश सत्यार्थी के बचपन बचाओ आंदोलन से जुड़ीं। पायल ने बाल परिषद बनाई और बाल पंचायत प्रमुख के तौर पर काम किया।
पायल कहती हैं कि जिस तरह गांव में अभियान चलाकर समस्याएं खत्म कीं, उसी तरह मैं यह काम विश्व स्तर पर करना चाहती हूं। राजस्थान में आज भी गांव व शहरों में बाल विवाह हो रहे हैं। आज भी बड़ी बेटियों के साथ-साथ नाबालिग बेटियों की शादी कराई जा रही है। हमें यह सब रोकना होगा। इसके लिए सभी समाज पहल करें। यह बेटियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
पायल का कहना है कि महिलाओं को अपने साथ हो रहे हर गलत काम का विरोध स्वयं करना चाहिए। महिलाएं किसी दूसरे के आगे आने का इंतजार नहीं करें, बल्कि स्वयं मजबूत बनकर पहल करेंगी, तभी आगे से सहायता मिल पाएगी। इसी से समाज में बदलाव आएगा। महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगी तो उन्हें जीवन में सफलता भी मिलेगी। इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
मेरी दादी चाहती थी कि मेरी भी गांव की दूसरी बेटियों की तरह जल्दी शादी हो। मैंने किसी की नहीं मानी।
– पायल जांगिड़