अलवर

दिल्ली में नीट की तैयारी कर रही राजस्थान की छात्रा ने की खुदकुशी, डॉक्टर बनने का सपना रह गया अधूरा

भनोखर गांव की 18 वर्षीय छात्रा रेणु मीणा ने दिल्ली में आत्महत्या कर ली। रेणु के चाचा योगेश मीणा ने बताया कि रेणु डॉक्टर बनना चाहती थी। रेणु ने 10वीं और 12वी में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे।

2 min read
Jun 17, 2026
Renu Meena
रेणु मीणा। फोटो: पत्रिका

अलवर। राजस्थान के एक और नीट स्टूडेंट ने खुदकुशी कर ली। भनोखर गांव की 18 वर्षीय छात्रा रेणु मीणा ने दिल्ली में आत्महत्या कर ली। रेणु दिल्ली में अपनी तीन बहनों और एक भाई के साथ फ्लैट में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। बात दें कि पिछले एक महीने में यह तीसरा मामला है, जब नीट की तैयारी कर रहे राजस्थान के स्टूडेंट ने खुदकुशी कर अपनी जान दी है। हैरान कर देने वाली बात ये कि 21 जून होने वाली री-नीट परीक्षा से पहले रेणु ने खौफनाक कदम उठा लिया।

रेणु के पिता हरिनारायण मीणा दिल्ली के पालम एयरपोर्ट क्षेत्र में निजी कार्य करते हैं। रेणु अपने भाई बहनों के साथ प्रतिदिन लाइब्रेरी में पढ़ाई करने जाती थी। 14 जून की शाम को सभी भाई-बहन लाइब्रेरी से लौटे और रेणु अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद भाई-बहनों ने रेणु को चाय पीने के लिए आवाज लगाई, तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर कमरे का दरवाजा खोला, रेणु का शव रोशनदान में फंदे पर लटका हुआ था। मृतका रेणु के चाचा योगेश मीणा ने बताया कि रेणु डॉक्टर बनना चाहती थी। वह इसके लिए लगातार मेहनत कर रही थी। रेणु ने 10वीं और 12वी में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे।

नीट का पेपर निरस्त होने के बाद से निराश थी रेणु

बताया जा रहा है कि नीट का पेपर निरस्त होने के बाद से रेणु निराश थी। आगामी 21 जून को उसे री-नीट परीक्षा में शामिल होना था, लेकिन उससे पहले ही उसने आत्महत्या कर ली। मंगलवार को शोक व्यक्त करने भनोखर पहुंचीं भरतपुर सांसद संजना जाटव ने कहा कि यदि छात्रा ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं से मानसिक रूप से आहत होकर यह कदम उठाया है, तो यह बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।

हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर साधा निशाना

नीट पेपर लीक से आहत होकर राजस्थान की बेटी रेनू मीणा की खुदकुशी के बाद नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक्स पर लिखा कि यह तीसरा मामला है जब नीट की तैयारी कर रहे राजस्थान के छात्र-छात्राओं ने बीजेपी सरकार के सिस्टम की नाइंसाफी से आहत होकर आत्महत्या करने जैसा कदम उठाया है। उन्होंने आगे लिखा कि देश की जनता अब पीएम मोदी से से प्रश्न कर रही है कि शिक्षा व्यवस्था पर लगे इस दाग की नैतिक जिम्मेदारी आप कब तय करोगे? देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए पद से त्याग पत्र कब देंगे?

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि आजकल परीक्षा के दबाव में कई बच्चे बहुत ज्यादा तनाव महसूस कर रहे हैं। इस तरह की घटनाएं हमें बहुत दु:खी करती हैं। मैं छात्र-छात्राओं को कहना चाहता कि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, इसलिए तनाव में ऐसा कोई कदम नही उठाए, आपकी जिंदगी बहुत कीमती है। आपके माता-पिता, परिवार और देश को आपकी जरूरत है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी पेपर लीक के खिलाफ,तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और आगे भी यह लड़ाई मजबूती से लड़ते रहेंगे।

सीकर में भी सामने आ चुके सुसाइड के दो मामले

बता दें कि सीकर में परिवार के साथ फ्लेट में रहकर नीट की तैयारी कर रहे 22 साल वर्षीय उमेश माली ने 15 जून को अपने फ्लैट में चुन्नी से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। नीट की तैयारी कर रहे छात्र का यह तीसरा अटैंप था। इससे पहले 15 मई को पिपराली रोड पर दो बहनों के साथ किराए पर रहकर नीट की तैयारी कर रहे छात्र प्रदीप माहिच ने भी बहन की चुन्नी से फंदा लगा आत्महत्या कर ली थी।

Updated on:
17 Jun 2026 11:54 am
Published on:
17 Jun 2026 08:52 am