
अंबिकापुर/दतिमा मोड़। सूरजपुर जिले के करंजी चौकी अंतर्गत ग्राम बतरा स्थित डेम में मछली मारने के दौरान सोमवार की रात 9 ग्रामीणों से भरी नाव पलट (Boat overturned in Dam) गई थी। हादसे के बाद 6 ग्रामीण तो तैरकर बाहर निकल गए थे, लेकिन 3 लोगों का पता नहीं चल सका था। तीनों की डूब जाने की आशंका पर सुबह 9.30 बजे से डीडीआरएफ की टीम रेस्क्यू में लग गई थी। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद डेम में डूबे 2 ग्रामीणों का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि एक की तलाश अभी भी जारी है। 2 ग्रामीणों का शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद उनके परिजन बिलख-बिलखकर रोने लगे।
सूरजपुर जिले के करंजी चौकी अंतर्गत ग्राम बतरा डेम में इन दिनों पानी काफी कम हो गया है। लीज खत्म हो जाने के बाद यहां से मछली मारने पर प्रतिबंध (Ban on fishing) लगाया गया है। इसी बीच सोमवार की रात करीब 12 बजे ग्राम राईं निवासी 9 लोग नाव लेकर डेम में पहुंच गए और मछली मारने लगे। इसी बीच अचानक डेम में पलट गई।
इससे नाव में सवार सभी 9 लोग डूबने (3 villager drowned in dam) लगे। हालांकि सभी अच्छे तैराक थे, इसके बावजूद 6 लोग ही तैरकर बाहर निकल पाए। जबकि जबकि समयलाल पैंकरा उर्फ पाणे पिता स्व. कंवलसाय 47 वर्ष, जगपाल पैंकरा पिता सुखन 45 वर्ष व कंवलसाय राजवाड़े लापता थे। बताया जा रहा है कि नाव के नीचे दब जाने से इन 3 की मौत हो गई। सुबह तक उनका कहीं पता नहीं चला।
इसी बीच सूचना पर सुबह करंजी चौकी पुलिस व डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने सुबह करीब 9.30 बजे लापता 3 ग्रामीणों को निकालने रेस्क्यू ऑपरेशन (DDRF rescue operation) शुरु किया।
पुलिस व नगर सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में डीडीआरएफ की टीम द्वारा लापता ग्रामीणों की खोजबीन करने डेम में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
अंतत: 6 घंटे बाद डेम में डूबे समयलाल उर्फ पाणे तथा जगपाल का शव बरामद किया गया। वहीं तीसरे ग्रामीण की तलाश (Boat overturned in Batra dam) जारी है। टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है। इधर शव मिलने के बाद दोनों मृतकों के परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बताया जा रहा है कि बतरा डेम मछुआ समिति राईं द्वारा पिछले 10 साल से संचालित है। इसका अध्यक्ष रामशंकर पैंकरा है, घटना के बाद उसे सदमा लगा है।