
अंबिकापुर। साइबर ठगी (Cyber Fraud) में उपयोग किए जा रहे म्यूल अकाउंट के खिलाफ सरगुजा पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले 2 माह में एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इसी बीच शहर गांधीनगर पुलिस द्वारा 3 व कोतवाली द्वारा 2 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें ठगों के एक गिरोह ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर शहर से लगे अजिरमा निवासी एक महिला से कहा था कि तुम गूगल पर गंदे वीडियो देखती हो। इसके बाद उससे साढ़े 4 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल दाखिल कर दिया है।
गांधीनगर पुलिस के अनुसार अजिरमा निवासी महिला को मार्च 2026 में एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर फोन किया। आरोपी ने महिला को बताया कि वह गूगल ब्राउजर पर अश्लील सामग्री (Dirty video) देखती है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे महिला घबरा गई।
इस पर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बने युवक ने उससे रुपयों की डिमांड की। इससे डरी महिला ने अलग-अलग खातों और फोन-पे नंबरों पर कुल 4 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसकी शिकायत महिला ने थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने साइबर पोर्टल (Cyber portal) और बैंक खातों की तकनीकी जांच की।
जांच में रकम कई खातों में ट्रांसफर कर निकालने की जानकारी मिली। इस आधार पर पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ पहुंचकर काशीराम अहिरवार, पन्नालाल यादव और अभिलाषा अहिरवार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी में संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल दाखिल कर दिया है।
इधर कोतवाली पुलिस ने बताया कि उसने इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में संचालित 2 खातों के खिलाफ महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और छत्तीसगढ़ से ऑनलाइन शिकायतें (Online complaint) दर्ज थीं। जांच में पाया गया कि इन खातों में ऑनलाइन माध्यम से कुल 2 लाख 4 हजार 200 रुपए जमा हुए थे।
मामले में नमनाकला निवासी सूरज कुमार कश्यप तथा फुंदुरडिहारी निवासी धीरज सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अन्य लोगों को उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।