अंबिकापुर

Home Loan Fraud: होम लोन के 1.05 करोड़ दिलाकर कृषि विस्तार अधिकारी से 57 लाख की ठगी, कहा था- टेंशन मत लेना, सभी किस्तें मैं भरूंगा

Home Loan Fraud in Surguja: आरोपी ने 6 बैंकों से स्वीकृत कराया था ऋण, किस्त भरने का झांसा देकर हड़प लिए 60 फीसदी रकम, कृषि विस्तार अधिकारी की रिपोर्ट पर 5 के खिलाफ अपराध दर्ज
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Updated: 17 Jun 2026, 7:39 PM IST
Home loan fraud
Home loan fraud, (Photo source- Moneyweb)

अंबिकापुर. होम लोन दिलाने के नाम पर एक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से 57.55 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि 5 लोगों ने साजिश के तहत विभिन्न बैंकों से उनके नाम पर 1 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए का ऋण स्वीकृत कराया। इसके बाद ऋण की 60 प्रतिशत राशि (Home loan rupees) अपने खातों में ट्रांसफर करा ली और कुछ रकम नकद ले लिए। उन्होंने कहा था कि टेंशन मत लो, किस्त हम पटाएंगे। शुरुआती 5 किस्त जमा करने के बाद उन्होंने भुगतान बंद कर दिया। अब बैंक उससे रकम की वसूली कर रहे हैं। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सरगुजा जिले के लुण्ड्रा निवासी एवं कृषि विभाग में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (Fraud from RAEO) लालसाय राम बखला ने धौरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में घर बनाने के लिए लोन की जरूरत थी। इसी दौरान सुरेंद्र सिंह और संतोष दास ने उनकी मुलाकात किशुनपुर निवासी शिवशंकर दास से कराई।

शिवशंकर ने जरूरत के अनुसार ऋण दिलाने का भरोसा दिलाया और सभी दस्तावेज लेकर विभिन्न बैंकों से संपर्क किया। दस्तावेज जमा कराने के बाद अलग-अलग बैंकों से आए ओटीपी शिवशंकर के कहने पर उन्होंने साझा कर दिए। इसके बाद उनके नाम पर 6 बैंकों से कुल 1 करोड़ 5 लाख रुपए से अधिक का ऋण (Loan fraud) स्वीकृत हो गया।

जब उन्होंने अधिक राशि आने पर आपत्ति जताई तो आरोपी ने भरोसा दिलाया कि ऋण की 60 प्रतिशत राशि उसे दे दें, शेष राशि वे अपने उपयोग में लें और सभी किस्तों का भुगतान वह स्वयं करेगा। इतना ही नहीं, ऋण नहीं चुका पाने की स्थिति में अपनी जमीन और मकान देने का भी आश्वासन दिया।

मात्र 5 किस्त का किया भुगतान

पीडि़त ने आरोप लगाया कि आरोपियों के कहने पर आरटीजीएस के जरिए करीब 41.05 लाख रुपए शिवशंकर दास, अरविंद कुमार और आशा मानिकपुरी के खातों में ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा 16.55 लाख रुपए अलग-अलग समय में नकद भी दिए गए। आरोपियों ने शुरुआती 5 किस्तों का भुगतान किया, लेकिन बाद में किस्तें जमा करना बंद कर दिया।

Home loan: वेतन भी हो गया सीज

लोन की राशि (Home loan instalment) नहीं पटाने पर आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एसबीआई, एक्सिस बैंक, चोला मंडलम और ग्रामीण बैंक से ऋण वसूली के नोटिस मिलने लगे। पीडि़त का वेतन खाता भी सीज कर दिया गया, जिससे आर्थिक संकट खड़ा हो गया। धौरपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर शिवशंकर दास, सुरेंद्र सिंह, संतोष दास, अरविंद कुमार और आशा मानिकपुरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी है।

Updated on:
17 Jun 2026, 7:39 PM IST
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