Big land fraud: वर्ष 2008 से 2022 के बीच आरोपी ने जमीन की बिक्री की, जबकि उक्त जमीन वन भूमि है, ठगी का अहसास होने पर थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट
अंबिकापुर। शासकीय वन भूमि को अपना बताकर एक व्यक्ति ने वर्ष 2008 से 2022 के बीच 41 लोगों को जमीन की बिक्री कर दी। इसके बदले में उसने सभी से डेढ़-डेढ़ लाख (Big land fraud) रुपए लिए थे। जमीन की बिक्री बकायदा स्टांप के माध्यम से की गई थी। ठगी के शिकार एक व्यक्ति ने मामले की शिकायत कोतवाली में की। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने धोखे में रखकर सभी को जमीन बिक्री की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपी को रविवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
शहर के वार्ड क्रमांक 10 तकियापारा बेनिपुर रनपुरखुर्द निवासी नेजारुद्दीन अंसारी ने कोतवाली में शासकीय जमीन बिक्री किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया कि रनपुरखुर्द तकियापारा निवासी मो. राशिद पिता स्व. अली मोहम्मद 46 वर्ष ने तकियापारा में शासकीय वन भूमि (Big land fraud) को अपना बताकर उसे डेढ़ लाख रुपए में बिक्री की थी।
उसने यह भी बताया कि उसके अलावा 40 और ऐसे लोग हैं, जिसे वर्ष 2008 से लेकर 2022 के मध्य वनभूमि की बिक्री की गई है। सभी से उसने डेढ-डेढ़ लाख (Big land fraud) रुपए लिए हैं। जबकि ठगी के शिकार सभी व्यक्ति 15-20 वर्ष से अंबिकापुर में किराए के मकान में रहकर काम कर रहे थे। उनकी अल्पशिक्षा का फायदा उठाकर विक्रय अनुबंध कर रकम की ठगी की गई है।
पीडि़त ने पुलिस को बताया कि उसे व अन्य लोगों को यह पता नहीं था कि उक्त भूमि वास्तव में वनभूमि है। जबकि आरोपी मो. राशिद व उसके परिजनों ने जानबूझकर उनके साथ धोखाधड़ी की।
अब अपनी कारस्तानी छिपाने मो. राशिद द्वारा उनपर दबाव बनाया जा रहा है कि वे उसके द्वारा निष्पादित मूल बिक्री विलेख/ दस्तावेज उसे वापस कर दें। वहीं वह धमकी (Big land fraud) भी दे रहा है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरु की।
पुलिस ने मामले (Big land fraud) को विवेचना में लिया था। इसी बीच पुलिस ने आरोपी मो. राशिद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस ने उससे जमीन का कब्जा, पट्टा व अन्य दस्तावेज तथा शिकायतकर्ताओं के पक्ष में की गई ऐग्रीमेंट की कॉपी, स्टाम्प पेपर की मूल प्रति पेश करने हेतु नोटिस दिया गया, लेकिन जमीन संबंधी कोई दस्तावेज वह पेश नहीं कर पाया।
उसने बताया कि जमीन क्रेताओं से की गई एग्रीमेंट की कॉपी व स्टाम्प पेपर उसने जला दी है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई (Big land fraud) में कोतवाली टीआई शशिकान्त सिन्हा, एएसआई विवेक पांडेय, एएसआई अदीप प्रताप सिंह, आरक्षक किशोर तिवारी, संजीव पाण्डेय व शिव राजवाड़े शामिल रहे।