
Dead body on the spot (Photo- Patrika)
बिश्रामपुर। सूरजपुर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत जमदेई निवासी एक व्यक्ति ने अपने ही परिवार के 3 सदस्यों की 17 वर्ष पूर्व निर्मम हत्या (Blind murder case) कर दी थी। वह जेल से सजा काटकर घर आया था। इसी बीच 14 दिसंबर की सुबह उसका लहूलुहान हालत में शव घर के बाहर पड़ा मिला था। उसकी हत्या किसने की तथा किस वजह से उसे मारा गया? इसका पता 20 दिन बाद भी पुलिस नहीं लगा सकी है। मामले में जयनगर पुलिस अभी भी जांच जारी होने की बात कह रही है।
14 दिसंबर को ग्राम पंचायत जमदेई निवासी 52 वर्षीय रामजतन पनिका की उसके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी थी। हत्या (Blind murder case) की सूचना मिलते ही एसडीओपी अभिषेक पैकरा एवं जयनगर थाना प्रभारी रूपेश कुंतल फॉरेंसिक टीम एवं खोजी कुत्ते के साथ मौके पर पहुंच घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया था।
पुलिस का कहना था कि रामजतन के सिर एवं शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार (Blind murder case) से किए गए गहरे वार के निशान पाए गए थे। शव पंचनामा कार्रवाई उपरांत पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद संदेह के आधार पर कुछ युवकों को पूछताछ के लिए तलब किया गया, किंतु अब तक पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है।
बताया जा रहा है कि मृतक ने करीब 17 वर्ष पूर्व अपनी मां, पत्नी और बेटी की एक साथ हत्या कर दी थी, जिसके बाद वह जेल में सजा काट चुका था। जेल से रिहा होने के बाद वह पिछले 3 वर्षों से अकेला रह रहा था। इसके अलावा कुछ लोगों से उसका जमीन संबंधी विवाद (Blind murder case) भी चल रहा था।
इस संबंध में एसडीओपी अभिषेक पैकरा ने बताया कि पुलिस हत्यारों (Blind murder case) की पतासाजी में जुटी हुई है। जमीन विवाद समेत अन्य संभावित एंगल से भी मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही है।
Published on:
03 Jan 2026 08:17 pm
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