अंबिकापुर

Bike machenic Laxmi: 14 वर्ष की उम्र में सोशल मीडिया पर रील्स नहीं, बल्कि बाइक-स्कूटी बनाती है मैकेनिक लक्ष्मी

Bike machenic Laxmi: शहर के नामी निजी स्कूल में 9वीं कक्षा में करती है पढ़ाई, इतनी कम उम्र में बन चुकी है पिता का सहारा, युवाओं व समाज के लिए मिसाल है शहर की बेटी

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अंबिकापुर. Bike machenic Laxmi: आज के युवा-किशोर जहां बेशकीमती समय सोशल मीडिया (Social media) पर रील्स बनाने में व्यर्थ कर रहे हैं। वहीं शहर की बेटी 14 वर्षीय लक्ष्मी दास पढ़ाई से समय निकालने के बाद बाइक मैकेनिक पिता के साथ घंटों वर्कशॉप में काम करती है। इसकी उम्र की लड़कियां स्कूल की छुट्टियों में मौज मस्ती करतीं हैं तो लक्ष्मी घंटों पिता के वर्कशॉप में बाइक व स्कूटी की मरम्मत (Bike machenic Laxmi) करने में लगी रहती है। वह कम उम्र में ही अपने पिता से हुनर सीखकर घर परिवार चलाने में अहम योगदान दे रही है। इससे वह समाज और युवाओं के लिए मिसाल बन गई है।


अंबिकापुर के सरगवां निवासी भगवान दास बाइक मैकेनिक हैं। इनका गोधनपुर चौक के समीप दोपहिया वाहन का वर्कशॉप है। भगवान दास की दो बेटी व एक बेटा है। सबसे बड़ी बेटी लक्ष्मी दास की उम्र 14 वर्ष है। वह होलीक्रॉस स्कूल (Holy cross school) में 9वीं कक्षा में पढ़ाई करती है। स्कूल से समय मिलने पर लक्ष्मी अपने पिता के वर्कशॉप में पिछले 3-4 साल से लगातार समय दे रही है।

धीरे-धीरे वह अपने पिता के काम करने को तरीके को समझ कर बाइक मैकेनिक (Bike machenic Laxmi) बन गई है। अब वह स्वयं ही पिता के साथ बाइक बनाने का काम करती है।

पिता के नहीं रहने पर वह स्वयं ही वर्कशॉप को संभालती है। गैरेज में इसके काम करने के तरीके को देखकर लोग हैरत में पड़ जाते हैं और उसे शाबासी देते हैं।

बाइक व स्कूटी का जानती है पूरा काम

लक्ष्मी बताती है कि वह बाइक व स्कूटी का पूरी काम जानती है। फुल सर्विसिंग के साथ इंजन भी बनाने का काम करती है। इसके पिता बाइक मैकेनिक के साथ वाहन बुकिंग कर चलाते हैं। जब वह बुकिंग में चले जाते हैं तो वह स्वयं ही वर्कशॉप को संभालती है।

इंजीनियर बनना चाहती है लक्ष्मी

बाइक मैकेनिक लक्ष्मी कक्षा 9वीं में पढ़ाई कर रही है। लक्ष्मी (Bike machenic Laxmi) पढ़ाई पूरी कर इंजीयिनर बनना चाहती है। वह बताती है कि मुझे मैकेनिकल काम करना बुहत ही पसंद है।

वहीं वह बाइक बनाने के साथ कम उम्र में ही हर दोपहिया वाहन को बड़ी ही आसानी से चला लेती है, पर उसकी उम्र 18 वर्ष से कम होने के कारण उसके पिता वाहन चलाने की परमिशन नहीं देते हैं।

गर्मी की छुट्टी में पूरे दिन वर्कशॉप में करती है काम

लक्ष्मी (Bike machenic Laxmi) ने बताया कि वह हर दिन स्कूल समय पर जाती है। स्कूल से घर आने के बाद वह दोस्तों के साथ खेलने की बजाय पिता के वर्कशॉप में काम करती है। वह पिछले तीन से चार सालों से लगातार काम कर रही है। वहीं अभी गर्मी की छुट्टी में पूरा समय वर्कशॉप में देती है।

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