
अंबिकापुर/बैकुंठपुर। कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नौगई में भाजपा नेता, उनके शिक्षक भाई समेत 3 लोगों की कार में जलाकर तथा फरसा से वार कर हत्या (BJP Leader murder) कर दी गई थी। जबकि 2 गंभीर रूप से घायल जिंदगी-मौत के बीच रायपुर के अस्पताल में भर्ती हैं। इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ नामजद अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने 4 आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी समेत 5 अब भी फरार हैं। घटना के 3 दिन बाद भी पुलिस उनकी सुराग नहीं जुटा पाई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वह सरगर्मी से आरोपियों की तलाश में जुटी है।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के महलपारा निवासी भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह सोनहत जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष थे। वे कांग्रेस शासनकाल में मध्यप्रदेश के पूर्व वित्तमंत्री रामचंद्र सिंहदेव के करीबी थे। भूपेश बघेल के कार्यकाल में पार्टी से अनबन की वजह से उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर लिया था।
इन दिनों वे बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाड़े के करीबी थे। बताया जा रहा है कि 8 माह पूर्व ही उनके चचेरे भाई के बेटे को सोनहत इलाके के चिरमी रेत घाट का ठेका मिला था। इसकी आड़ में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह ने अन्य रेत घाटों से अवैध उत्खनन (Illegal sand mining) करने वाले वाहनों से 1000-1000 रुपए की वसूली शुरु कर दी थी।
वहीं ग्राम नौगई निवासी भाजपा नेता भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के करीबी मनोज त्रिपाठी के भी कुछ टिपर वाहन रेत का परिवहन करते थे, उनसे भी लल्ला सिंह वसूली करने लगे थे, ेजबकि मनोज त्रिपाठी को यह पसंद नहीं था। इसे लेकर दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी।
जानकारी की अनुसार 16 जून की शाम रेत खनन व परिवहन को लेकर ही मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी के साथ भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के परिवार के सदस्यों मयंक सिंह, उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह व अन्य ने मारपीट की थी। इसे लेकर निशांत सिंह ने थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इससे भी दोनों परिवारों के बीच रंजिश और बढ़ गई थी।
लल्ला सिंह के परिजनों के अनुसार उसी रात समझौते के उद्देश्य से भरत सिंह, नागेंद्र सिंह, बिरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह व मयंक सिंह ग्राम नौगई में मनोज त्रिपाठी के घर के पास 2 कार से पहुंचे थे। इसकी भनक लगते ही मनोज त्रिपाठी के परिवार के दर्जनभर से अधिक सदस्यों व साथियों ने टिपर वाहन से टक्कर मारकर कार (Burnt in car) को दोनों ओर से घेर लिया।
इसके बाद लल्ला सिंह की फॉच्र्यूनर कार में पेट्रोल छिडक़कर आग लगा (BJP leader died to burnt in car) दी थी। इसके अलावा फरसे व अन्य हथियारों से भी हमला किया था। इस घटना में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके चचेरे भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह की जलकर मौत हो गई थी, जबकि बिरेंद्र सिंह के गर्दन पर फरसे के प्रहार से जान चली गई थी। वहीं योगेंद्र सिंह व मयंक सिंह रायपुर में भर्ती हैं।
इस मामले में पुलिस ने 9 नामजद समेत अन्य आरोपियों (BJP leader murder accused) के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जिनके खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है, उनमें मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश, मन्नू त्रिपाठी, गौरव त्रिपाठी, महेंद्र त्रिपाठी, अमन व अक्षत त्रिपाठी शामिल हैं।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों अक्षत त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी व विशाल त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत अन्य अब भी फरार हैं। रेत खनन और परिहवन में अवैध वसूली को लेकर हुए इस जघन्य हत्याकांड ने प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली भी कटघरे में है।