
अंबिकापुर/बैकुंठपुर। कोरिया जिले के सोनहत जनपद के पूर्व अध्यक्ष भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की 16 जून की रात कार में जलाकर हत्या (BJP Leader murder to burnt in car) कर दी गई थी। वहीं फरसे के हमले में बिरेंद्र सिंह व 80 प्रतिशत जल जाने से चचेरे भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह की भी मौत हो चुकी है। जबकि हमले में गंभीर रूप से घायल योगेंद्र सिंह व मयंक सिंह का रायपुर में इलाज जारी है। इस जघन्य हत्याकांड ने हर किसी को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि मृत भाजपा नेता अपनी फॉच्र्यूनर कार में हूटर बजाकर चलते थे। रेत का परिवहन करने वाली गाडिय़ों से 1000-1000 रुपए की वसूली और हत्याकांड के एक दिन पहले मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी के भाई से मारपीट भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की हत्या की वजह बनी। पीडि़त परिवार ने आरोपियों के एनकाउंटर और सीबीआई जांच की मांग की है।
दरअसल बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाड़े के करीबी व कोरिया जिले के प्रभावशाली भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह 56 वर्ष की 16 जून की रात ग्राम नौगई में उनकी फॉच्र्यूनर कार में जलाकर हत्या (BJP leader Bharat Singh murder) कर दी गई थी। हत्या का आरोप भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के करीबी भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी व उनके परिवार के सदस्यों पर लगी है।
त्रिपाठी परिवार के हमले में लल्ला सिंह के अलावा उनके चचेरे भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह 54 वर्ष व रिश्तेदार बिरेंद्र सिंह 28 वर्ष की भी इलाज के दौरान मौत हो गई है। इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को नामजद समेत अन्य को भी आरोपी बनाया है। इनमें से 4 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि अन्य फरार बताए जा रहे हैं।
इस जघन्य हत्याकांड (BJP Leader murder case news) से छत्तीसगढ़ की सत्ता भी हिल चुकी है। वजह मृतक पक्ष और आरोपी पक्ष दोनों ही भाजपा के कद्दावर नेता हैं। रेत खदानों से अवैध वसूली व कमीशनखोरी में भाजपा नेता ही भाजपा नेता के खून के प्यासे बन गए। इसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है।
जिन लोगों के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है, उनमें मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश, मन्नू त्रिपाठी, गौरव त्रिपाठी, महेंद्र त्रिपाठी, अमन व अक्षत त्रिपाठी शामिल हैं। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों अक्षत त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी व विशाल त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। रेत की अवैध वसूली को लेकर हुए इस जघन्य हत्याकांड (Brutall murder case) ने प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
बता दें कि भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह (BJP Leader) के चचेरे भाई के बेटे को 8 माह पूर्व चिरमी रेत घाट का ठेका मिला था। इसकी आड़ में भरत सिंह व परिवार के सदस्यों द्वारा सोनहत, तेलईमुड़ा, बेलिया, कैलाशपुर व छिंगुरा स्थित अवैध रेत खदानों से भी वसूली शुरु कर दी गई थी। वहीं लल्ला सिंह अपनी फॉच्र्यूनर कार में हूटर बजाकर चलते थे।
इसकी शिकायत भाजपा नेता व आरोपी मनोज त्रिपाठी ने कराई थी, इसके बाद हूटर उतरवा दिया गया था। वहीं लल्ला सिंह प्रति हाइवा वाहन 1000 रुपए की अवैध वसूली (Illegal recovery of sand vehicle) करते थे। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी व उनके परिवार का भी कई टिपर वाहन रेत का परिवहन करता था। उनसे भी 1000 की वसूली की जाती थी, जबकि वे रुपए देने को तैयार नहीं थे।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद व तनाव चल रहा था। इसी बीच 15 जून को मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी के साथ भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के परिवार के सदस्यों मयंक सिंह, उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह व अन्य ने मारपीट की थी। इससे भी दोनों परिवारों के बीच रंजिश और बढ़ गई थी।
मृतकों के परिजनों का कहना है कि 16 जून की रात भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, बिरेंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह व मयंक सिंह 2 कार में भरकर मनोज त्रिपाठी के घर के पास मारपीट मामले का समझौता करने गए थे। इस दौरान मनोज त्रिपाठी व उनके परिवार के सदस्यों ने लल्ला सिंह की कार को पहले टिपर वाहन से टक्कर मारी और दोनों तरफ वाहन अड़ा दिया।
इसके बाद हथियारों से वे हमला करने लगे। इस बीच फॉच्र्यूनर कार के ऊपर पेट्रोल छिडक़ कर आग लगा दी। इस दौरान कार में रहे लल्ला सिंह की जलकर मौत (BJP Leader Murder) हो गई, जबकि शिक्षक नागेंद्र सिंह 80 प्रतिशत तक झुलस गए थे। वहीं दूसरी कार का कांच तोडक़र निकल रहे बिरेंद्र सिंह के गर्दन पर फरसे से वार कर दिया गया था। इससे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
17 जून की दोपहर शिक्षक नागेंद्र सिंह ने भी दम तोड़ दिया था। वहीं मयंक सिंह और यागेंद्र सिंह का इलाज रायपुर में जारी है। पीडि़ परिवार ने आरोपियों के एनकाउंटर और सीबीआई जांच की मांग की है। इधर पुलिस ने मृत भाजपा नेता के घर के आस-पास धारा 163 लागू कर दी है। ऐसी स्थिति में 5 या 5 से अधिक लोग वहां एक साथ इकट्ठा नहीं रह सकते हैं।