अंबिकापुर

Naib Tehsildar Beaten Case: युवा आयोग के अध्यक्ष बोले- विधायक पर तो एफआईआर हो गया, टीएस सिंहदेव ने एक अधिकारी को मारा था थप्पड़, लेकिन…

Naib Tehsildar Beaten Case: सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ नायब तहसीलदार की पिटाई का लगा है आरोप, युवा आयोग के अध्यक्ष ने पूर्व डिप्टी सीएम और पूर्व मंत्री के बयान पर किया पलटवार

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Chhattisgarh Youth Commission Chairman Vishwa Vijay Singh Tomar (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। विधायक की बहन से बद्तमीजी के आरोप में नायब तहसीलदार की पिटाई (Naib Tehsildar Beaten Case) के मामले में भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेता अब आमने-सामने हो गए हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने सीतापुर विधायक (Sitapur MLA Ramkumar Toppo) को नसीहत दी थी कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। इन दोनों नेताओं के बयान के बाद अब छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर का बयान सामने आया है। उन्होंने कांग्रेस के इन बड़े नेताओं के लिए कहा कि इन्हें इस मामले में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। सिर्फ आरोप लगने पर हमारे विधायक के खिलाफ एफआईआर हो गया। टीएस सिंहदेव ने तो अंबिकापुर के गौरव पथ पर सबके सामने एक अधिकारी को थप्पड़ जड़ दिया था, इसके बाद उसे एफआईआर तक नहीं करने दिया गया था।

युवा आयोग के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar beaten) के आरोप पर विधायक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो गया है। इसके बाद विधायक रामकुमार टोप्पो ने बयान जारी कर कहा है कि जांच में वे सहयोग देने को तैयार हैं। सिर्फ आरोप के आधार पर विधायक पर एफआईआर दर्ज हो जाना, इससे ज्यादा पारदर्शिता और सूचिता कहीं दिखाई नहीं देती।

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विधायक की बहन के साथ जो बद्तमीजी (Misbehave with MLA sister) हुई, उसके भी गवाह वहां मौजूद हैं। मुझे लगता है कि प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार की भी जांच होनी चाहिए तथा लोगों के साथ उनका व्यवहार कैसा है, इसपर भी बात जरूर होनी चाहिए।

Naib Tehsildar Beaten Case: पूर्व डिप्टी सीएम और पूर्व मंत्री पर किया पलटवार

युवा आयोग के अध्यक्ष ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री अमरजीत भगत व पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव द्वारा नायब तहसीलदार की पिटाई मामले में एक दिन पूर्व दिए गए बयान (Ministers statement) पर भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यह सरगुजा है साहब, हमारे विधायक पर आरोप लगे हैं और एफआईआर हो गया।

मैं बताना चाहता हूं कि इसी शहर में गौरव पथ में सैकड़ों लोगों के सामने टीएस सिंहदेव ने निगम के एक अधिकारी को थप्पड़ मारा था और उसे एफआईआर भी दर्ज नहीं करने दिया गया था। वे अब इस तरह के बयान देंगे तो उन्हें खुद के अंदर झांक कर देखना चाहिए।

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के संरक्षण में उनके कार्यकर्ता थाने में घुसकर पुलिसकर्मियों से मारपीट करते थे। ये सब सीसीटीवी कैमरे में भी दर्ज हैं। लेकिन उनके कार्यकर्ता तक जेल नहीं गए। ऐसे लोग विष्णु देव साय के सुशासन पर अंगुली उठाएंगे, ये सब जनता देख रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार की हो जांच

विश्वविजय सिंह तोमर ने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों की जब टीएल मीटिंग होती है तो जिन प्रशासनिक, राजस्व या पुलिस के अधिकारियों की जनता से सीधे बातचीत होती है। उनके व्यवहार की भी समय-समय पर जांच होनी चाहिए।

सरगुजा के लोग सीधे-साधे हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि अधिकारी इसको चारागाह समझें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को ऐसे मामले में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। विधायक रामकुमार टोप्पो के ऊपर एफआईआर हुआ और उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। ऐसी पारदर्शिता सीएम विष्णुदेव के सुशासन में चल रही है।

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Published on:
29 May 2026 03:53 pm
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