
अंबिकापुर। शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े प्रकरण में जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 (क्लर्क) सीमा कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Clerk suspended) कर दिया है। यह कार्रवाई मैनपाट विकासखंड से प्राप्त शिकायत और प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। दरअसल सीमा कुशवाहा ने नियुक्ति के दौरान परिवार के किसी भी सदस्य के शासकीय सेवा में नहीं होने की बात छिपाई थी। जांच समिति ने सीमा कुशवाहा की नियुक्ति से संबंधित मूल अभिलेख, आवेदन, शपथपत्र, पारिवारिक विवरण और सेवा अभिलेखों का परीक्षण किया।
जांच में पाया गया कि स्व. चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा की मृत्यु के बाद सीमा कुशवाहा को 16 जून 2017 को अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate appointment) दी गई थी। नियुक्ति के समय 5 मई 2017 को प्रस्तुत शपथ पत्र में परिवार के किसी सदस्य के शासकीय अथवा अद्र्धशासकीय सेवा में नहीं होने की घोषणा की गई थी। वहीं उपलब्ध अभिलेखों में परिवार के सदस्यों की शासकीय सेवा से संबंधित जानकारी दर्ज मिली।
जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश में कहा है कि इस मामले को छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के 14 जून 2013 के पत्र और तत्समय प्रभावशील संशोधनों के प्रावधानों से संबंधित बताया है। साथ ही, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) के तहत भी प्रकरण का परीक्षण किया गया है।
डीईओ ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता और निष्पक्ष विभागीय जांच करने के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में सीमा कुशवाहा का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंबिकापुर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
डीईओ (Surguja DEO) ने बताया कि सीमा कुशवाहा के विरुद्ध नियम 14 के तहत नियमित विभागीय जांच की जाएगी। इसके लिए पृथक आरोप-पत्र जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अंतरिम प्रशासनिक कार्रवाई है। इससे आरोपों की अंतिम दोषसिद्धि नहीं मानी जाएगी। अनुकंपा नियुक्ति की वैधता और पात्रता पर अंतिम निर्णय विभागीय जांच के निष्कर्ष एवं संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद लिया जाएगा।