Chhattisgarh Unique Place: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्थित है यह रहस्यमयी जगह, हर साल मकर संक्रांति पर लगता है विशाल मेला, दूर-दूर से आते हैं लोग
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में ऐसे तो कई रहस्यमयी स्थल (Chhattisgarh Unique Place) हैं, जिसे देखकर लोग दांतों तले अंगुलियां दबा लेते हैं। कहीं धरती हिलती है तो कहीं उल्टी दिशा में पानी बहता है। लोगों को भरोसा नहीं होता है कि ऐसा भी हो सकता है। पुराने जमाने के लोग इसे दैवीय चमत्कार मानते हैं तो इस दौर के लोग वैज्ञानिक कारण। ऐसा ही एक स्थान बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का तातापानी (Tatapani) है, जहां वर्षभर गर्म पानी निकलता है। गर्म पानी को संरक्षित करने वहां जगह-जगह कुंड बना दिया गया है। इस भीषण गर्मी में यहां का पानी इतना गर्म है कि कुछ ही मिनटों में इसमें डाला गया अंडा या आलू उबल जाता है। चावल पक जाता है।
तातापानी (Tatapani) अंबिकापुर-रामानुजगंज नेशनल हाइवे पर स्थित है। यह अंबिकापुर से करीब 95 किलोमीटर, जबकि रामानुजगंज व बलरामपुर से 15-15 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां गर्म जल का स्रोत स्थित है। तातापानी शब्द ताता और पानी से मिलकर बना है। स्थानीय भाषा में ताता का अर्थ गर्म होता है। इसी वजह से इसका नाम तातापानी पड़ा।
गर्म जल (Hot water) निकलने की वजह तलाशने पूर्व में देश-विदेश के कई वैज्ञानिक यहां पहुंचे थे। वैज्ञानिकों के अनुसार गर्म जल निकलने की वजह यहां की जमीन के भीतर भारी मात्रा में सल्फर (गंधक) का पाया जाना है। गंधक की मात्रा होने की वजह से ही यहां जमीन के भीतर से निकलने वाला पानी गर्म होता है।
तातापानी के एक विशाल क्षेत्र में फैले स्थल को बाउंड्रीवाल से घेरकर रखा गया है। यहां जमीन से निकलने वाले गर्म पानी को जगह-जगह सहेजकर रखा गया है। कई जगहों पर खुद जमीन से पानी (Natural source of hot water) निकलता है। यह पानी इतना गर्म होता है कि यदि आप किसी बर्तन में अंडे या आलू रखकर पानी में डाल दें तो यह उबल जाता है। चावल को गमछे में बांधकर या बर्तन में डालकर पानी में रखने से पक जाता है। हालांकि यह खाने योग्य कितना है, इस पर संशय है।
ऐसी मान्यता है कि यहां के कुंड या तालाबनुमा स्थल में स्थित पानी में नहाने व उसमें जमा कीचड़ लगाने से चर्म रोग ठीक हो जाता है। चर्म रोग (Skin disease) से पीडि़त लोग इसी मान्यता के अनुसार यहां के पानी में नहाने व कीचड़ लगाने आते हैं। गर्मी के दिनों में पानी को टच करना खतरे से खाली नहीं है। जबकि ठंड के सीजन में गर्म पानी से नहाना सुखद है।
तातापानी में प्राकृतिक गर्म जलस्रोत के अलावा यहां भगवान शिव की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां हर वर्ष मकर संक्रांति पर 3 दिवसीय मेला (Fare in Tatapani) लगता है। इस मेले में देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। वहीं बॉलीवूड व भोजपुरी कलाकारों को प्रस्तुति देने बुलाया जाता है।