Naib Tehsildar Beaten Case: सरगुजा जिले के सीतापुर अंतर्गत राजापुर चौराहे पर नायब तहसीलदार से भाजपा विधायक व उनके समर्थकों द्वारा मारपीट का मामला, सिंहदेव बोले- समझनी होगी ये बातें
अंबिकापुर। सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों द्वारा 27 मई की शाम राजपुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट (Naib Tehsildar Beaten Case) की गई थी। मारपीट की घटना उनकी चचेरी बहन से नायब तहसीलदार द्वारा कार्यालय में बद्सलूकी के आरोप में की गई थी। एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा मारपीट का आरोप लगाए जाने के बाद विधायक की खूब किरकिरी हो रही है। इस मामले में अब छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव का भी बयान सामने आया है। उन्होंने विधायक का नाम लिए बिना उन्हें नसीहत दी है।
टीएस सिंह देव ने कहा कि मारपीट (MLA beaten Naib Tehsildar) की यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई तो कोई न कोई घटना जरूर हुई है। उन्होंने विधायक को नसीहत देते हुए कहा कि जहां आपके पास मतदाताओं ने सत्ता में रहकर उनकी देखरेख करने की जवाबदारी दी है। जिन माध्यम से आपको जवाबदारी पूरी करनी है, वहां आप मनमानी करने की अपेक्षा रखोगे तो वह प्रजातंत्र नहीं रह जाता।
आप चुने हुए जनप्रतिनिधि हो तो संविधान के प्रावधान और कानूनों के अंतर्गत काम करने के लिए स्वतंत्र हो। चुनाव जीतने का अर्थ यह नहीं होता कि आप जो चाहो वह कर सकते हो। जो आप कहोगे, वही होगा। इस मानसिकता से भाजपा व उनके जनप्रतिनिधि तथा कभी-कभी अन्य जनप्रतिनिधि भी नीचे नहीं उतर पाते।
पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव (Former Deputy CM TS Singh Dev) ने आगे कहा कि यह समझने की आवश्यकता है कि आपको मतदाताओं ने 5 साल तक संवैधानिक व्यवस्थाओं और कानून के प्रावधानों के अंतर्गत उनके लिए सहयोग, विकास करने के लिए अवसर दिया है।
ये निरंकुश मनमानी करने का माध्यम नहीं हो सकता। वोट या चुनाव का अर्थ ये नहीं है कि जो आप कहोगे वहीं होगा। ये परिपक्व जनप्रतिनिधियों को समझना है। यदि अभी भी इसमें कहीं कमी है तो वो परिपक्वता हासिल करनी होगी।
इस मामले में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये तो सरासर अन्याय है। विष्णुदेव का सुशासन चल रहा है और अधिकारी पिटा रहे हैं। मारपीट में सबसे आपत्तिजनक बात विधायक का नाम आना है। विधायक और उनके साथियों द्वारा मारपीट की बात नायब तहसीलदार ने अपने बयान में बताया है।
कोई भी जनप्रतिनिधि बनता है तो हमेशा नियम प्रक्रिया, प्रशासनिक मर्यादा का ज्ञान होना चाहिए। आप जनप्रतिनिधि हो गए हैं तो इसका मतलब यह थोड़ी है कि सिंघम स्टाइल में किसी से मारपीट करेंगे।