Naib Tehsildar Beaten Case: राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट मामले में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने दी तीखी प्रतिक्रिया, कहा- यह प्रशासनिक लापरवाही
अंबिकापुर। सीतापुर क्षेत्र के राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ बुधवार की शाम विधायक व उनके समर्थकों ने मारपीट (Naib Tehsildar Beaten Case) की थी। इस मामले में कांग्रेस शासन में पूर्व मंत्री रहे अमरजीत भगत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि बनने के बाद नियम, प्रक्रिया और प्रशासनिक मर्यादा का ज्ञान होना चाहिए। आप जनप्रतिनिधि हो गए तो इसका मतलब यह नहीं है कि सिंघम स्टाइल में मारपीट करेंगे।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने नायब तहसीलदार से मारपीट (MLA beaten Naib Tehsildar) पर बयान देते हुए कहा कि ये तो सरासर अन्याय है। विष्णुदेव का सुशासन चल रहा है और अधिकारी पिटा रहे हैं। मारपीट में सबसे आपत्तिजनक बात विधायक का नाम आना है। विधायक और उनके साथियों द्वारा मारपीट की बात नायब तहसीलदार ने अपने बयान में बताया है।
कोई भी जनप्रतिनिधि बनता है तो हमेशा नियम प्रक्रिया, प्रशासनिक मर्यादा का ज्ञान होना चाहिए। आप जनप्रतिनिधि हो गए हैं तो इसका मतलब यह थोड़ी है कि किसी से मारपीट करेंगे। यदि कोई काम नहीं कर रहा है तो उसकी प्रक्रिया है।
आप नियमानुसार उसका ट्रांसफर या सस्पेंड करिए। ये कौन सा तरीका है कि आप सिंघम स्टाइल (Singham Style) में मारपीट करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में यह ऐसी तीसरी या चौथी घटना है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि इसे मैं प्रशासिनक लापरवाही मानता हूं। जब शुरु में ही घटना (Naib Tehsildar beaten) हुई तो कार्रवाई करनी चाहिए। कार्रवाई करने के बजाय ये लोग आपसी समझौता और रफा-दफा करने में विश्वास रखते हैं। यदि ऐसा करेंगे तो अपराध करने वालों का हौसला बुलंद होगा। अमरजीत भगत ने कहा कि यदि कोई नियम विरुद्ध मारपीट या शांति भंग करता है तो तत्काल कार्रवाई करना चाहिए, ताकि आगे और घटना न घटे।
अमरजीत भगत (Former Minister Amarjeet Bhagat) ने कहा कि ज्यादा स्वामी-भक्ति के चक्कर में ऐसा हुआ है। यदि प्रशासनिक अधिकारी अपनी स्थिति को निष्पक्ष और तटस्थ रखें तो ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होगी। यदि आपके साथ घटना भी हो और आप न तो रिपोर्ट लिखाएं, न कार्रवाई भी न चाहें तो दूसरों को क्या पड़ी है। आप एक बार नहीं, 10 बार मार खाते रहिए। यदि आपको अपना मान-सम्मान बचाकर रखना है तो अन्याय के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासनिक कार्य निर्विवाद रूप से चले, इसके लिए अधिकारी अपनी स्थिति को स्पष्ट करें। कोई भी अपराधी (Criminals) का हाथ आपके गिरेबां तक न पहुंचे, वैसी स्थिति आपको बनाकर रखना चाहिए। वरना आप मार भी खाएं और माफी भी मांगें तो आपकी छवि भी वैसा ही बन जाएगी।