Land fraud: न तो परमिशन मिला और न हीं आरोपियों ने रुपए वापस लौटाए, पीडि़त ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट, पुलिस ने दर्ज किया अपराध
अंबिकापुर. 6 एकड़ सरकारी जमीन की बिक्री और कलेक्टर परमिशन दिलाने के नाम पर 13 लाख 30 हजार 870 रुपए की ठगी का मामला (Land fraud) सामने आया है। शिकायत पर जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया है। आरोपियों ने लुण्ड्रा क्षेत्र में शासकीय भूमि दिखाकर कलेक्टर परमिशन के माध्यम से 6 एकड़ भूमि दिलाने का भरोसा दिया था।
शहर के बिलासपुर चौक निवासी दीपक अग्रवाल ने एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। पीडि़त के अनुसार मठपारा निवासी दिनेश गुप्ता, दरिमा निवासी जीतू घासी, लुण्ड्रा (Land fraud) अमगांव निवासी सूरज घासी, फतीराम घसिया, ग्राम चिरगा निवासी सोहर, नईहर साय उर्फ केन्दू एवं दशमेत ने उसे ग्राम मोहरा एवं अमगांव, तहसील लुण्ड्रा क्षेत्र में शासकीय भूमि दिखाकर कलेक्टर परमिशन के माध्यम से 6 एकड़ भूमि दिलाने का भरोसा दिया था।
आरोप है कि विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने 60 डिसमिल भूमि का अधिकार अभिलेख भी दिखाया। कलेक्टर परमिशन कराकर भूमि दिलाने के एवज में आरोपियों (Land fraud) ने पीडि़त से अलग-अलग किश्तों में कुल 13 लाख 30 हजार 870 रुपये ले लिए। इसके बावजूद न तो भूमि का वैधानिक परमिशन कराया और न ही तय समय में रकम वापस की गई।
पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद दीपक ने थाना लुण्ड्रा में शिकायत की आरोपियों ने 45 दिन में पूरी राशि लौटाने का लिखित आश्वासन दिया। लेकिन तय अवधि (Land fraud) बीतने के बाद आरोपियों द्वारा सिर्फ 50 हजार ही लौटाए गए थे।
दीपक अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि पिछले एक वर्ष से उसे लगातार (Land fraud) घुमाया जा रहा है और मानसिक रूप से प्रताडि़त किया गया। यहां तक कि दरिमा क्षेत्र में 3 डिसमिल भूमि देने का वादा भी किया गया, जो पूरा नहीं हुआ। बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान न होने पर उसने पुलिस के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई।
मामले (Land fraud) की जांच सीएसपी द्वारा की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया ठगी का अपराध पाया गया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।