
अंबिकापुर। शहर के प्रतीक्षा बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित भूमि खसरा नंबर 3714 में तालाब है। फर्जी दस्तावेजों (Land Fraud Ambikapur) के सहारे उक्त भूमि का नामांतरण करा लिया गया था तथा उक्त तालाब को पाटकर कुछ लोगों द्वारा प्लॉंटिंग की जा रही थी। मामला सामने आने के बाद निगम अमले द्वारा 3 माह पूर्व पाटी गई मिट्टी को एक्सीवेटर से खुदवाकर कब्जा मुक्त करने की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान जमीन को अपना बताने वाले लोगों ने निगम अमले व प्रशासनिक अधिकारी से बदसलूकी की थी। इस मामले में कलेक्टर ने एसडीएम को जांच करने कहा था। मामले की जांच अंबिकापुर एसडीएम ने की। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश तहसीलदार को दिए हैं। बताया जा रहा है कि उक्त भूमि को विधिवत शासन में निहित करने की प्रक्रिया की जाएगी।
अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड स्थित रिंग बांध तालाब की खसरा नंबर 3714 की 57 डिसमिल जमीन को पाटकर प्लॉटिंग किए जाने की शिकायत प्रशासन से की गई थी। शिकायत में बताया गया था कि उक्त भूमि का उपयोग तालाब तथा स्थानीय लोगों द्वारा निस्तारी के लिए किया जाता रहा है। इसकी जांच कलेक्टर (Surguja Collector) द्वारा एसडीएम से कराई गई।
एसडीएम ने जांच पश्चात प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा। प्रतिवेदन के अनुसार उक्त भूमि अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 के पूर्व से जैलाल पिता बोधन, जाति गोंड़ के नाम पर दर्ज होना पाया गया। जांच में भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया में फर्जी एवं दोषपूर्ण दस्तावेजों के उपयोग तथा वारिसों से संबंधित अभिलेखों में अनियमितता का उल्लेख किया गया है।
वहीं अंबिकापुर निगम से मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में 4 मई 2026 को जो जानकारी दी गई, उसके अनुसार जैलाल पिता बोधन की मृत्यु 23 अप्रैल 1976 के संबंध में प्रस्तुत मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) न तो निगम में दर्ज था और न ही निगम द्वारा जारी किया गया था।
2 सितंबर को भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने मामले की शिकायत कलेक्टर से करते हुए कहा था कि जब उक्त जमीन सेटलमेंट व अधिकार अभिलेख में जैलाल गोंड़ के नाम थी तो वह जैलाल यादव के नाम कैसे हो गई। भू-माफिया आजाद इराकी द्वारा फर्जी वंशावली तैयार कर उक्त भूमि को अपने नाम कराया।
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम द्वारा की गई जांच के बाद प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम अमलभिट्ठी के पटवारी द्वारा जैलाल पिता देवराम के वारिसों की जानकारी तैयार कर दी गई थी, लेकिन उक्त जानकारी का उपयोग जैलाल पिता बोधन के वारिसों के संबंध में करते हुए राजस्व अभिलेखों में फौती नामांतरण की कार्रवाई कराई गई।
एसडीएम (Ambikapur SDM) की जांच में चन्द्रशेखर यादव पिता स्व. जगतपाल यादव तथा आजाद इराकी पिता रियाजुद्दीन इराकी द्वारा उक्त जमीन का नामांतरण कराए जाने की भूमिका पाई गई। इसके साथ ही अन्य विक्रेताओं नोहरसाय, रामकुमार, श्रीलाल, पूर्णिमा, जनकुंवर, चन्द्रभान यादव एवं मीरा यादव की संलिप्तता भी बताई गई है। इसके अलावा ग्राम पंचायत अमलभि_ी के तत्कालीन सरपंच एवं सचिव की भूमिका को भी जांच में संदेहास्पद बताया गया है।
जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अनुसूचित जनजाति वर्ग की उक्त भूमि के अंतरण में फर्जी एवं दोषपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर छल-कपट एवं धोखाधड़ी (Fraud of Land) की गई है। एसडीएम के प्रतिवेदन के आधार पर सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने अंबिकापुर तहसीलदार को संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने कहा है। वहीं उक्त भूमि को विधिवत शासन में निहित करने की प्रक्रिया भी की जाएगी।