
अंबिकापुर। शहर से लगे ग्राम घंघरी में शनिवार की शाम करीब 4 बजे खेत में उड़द तोड़ रही महिला पर मधुमक्खियों ने हमला (Bee attack on woman) कर दिया। पास खड़ा 10 वर्षीय बेटा उसे बचाने के लिए पास जाने लगा तो उसने उसे वहां से भाग जाने कहा। बेटा भागकर घर पहुंचा और घटना की जानकारी पिता को दी। पिता पहुंचा तो मधुमक्खियों ने उसपर भी हमला करना शुरू कर दिया। गांव वाले जब कंबल लेकर पहुंचे तो महिला को बचाकर घर लाए। इसके बाद गंभीर रूप से घायल महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लाया गया। यहां जांच पश्चात डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना का सुखद पहलू यह रहा कि महिला ने अपने मासूम बेटे की जिंदगी बचा ली, यदि बेटे को वह वहां से नहीं भगाती तो उसकी भी जान जा सकती थी। इसलिए ही कहते हैं मां तो आखिर मां ही होती है।
बिफइया पति जयप्रसाद उम्र 30 वर्ष शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम घंघरी आसडांड़ की रहने वाली थी। वह शनिवार की शाम को अपने 10 वर्षीय बेटे के साथ घर से कुछ दूरी पर खेत में उड़द तोड़ रही थी। जबकि बेटा कुछ दूरी पर खड़ा था। वहीं खेत के समीप एक पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता था। एक बाज ने छत्ता पर चोंच मार दिया।
इससे मधुमक्खियां (Bee attack in Surguja) आक्रोशित हो गईं और पास में खेत में उड़द तोड़ाई कर रही महिला पर हमला कर दिया। इस दौरान कुछ दूर पर खड़ा बेटा मां को बचाने के लिए उसके पास जाने लगा, लेकिन मां उसे अपने पास आने से मना करते हुए कहा कि यहां से भाग जाओ।
मां के कहने पर बेटा भाग कर घर पहुंचा और घटना की जानकारी पिता को दी। पिता दौडक़र खेत के पास पहुंचा। यहां धुमक्खियों ने उसपर भी हमला कर दिया। यह देख पति पास नहीं पहुंच सका। चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव वाले कंबल लेकर पहुंचे और महिला को ओढ़ाकर घर लाए।
काफी देर तक मधुमक्खियों द्वारा हमला किए जाने से महिला गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। उसके पूरे शरीर में मधुमक्खियों का डंक चुभा हुआ था। इससे शरीर में सूजन आ गई थी। परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Ambikapur Bee attack) लेकर पहुंचे। यहां जांच पश्चात डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत से पति व बेटा सदमे में हैं।