NH road: अंबिकापुर व सीतापुर क्षेत्र में नेशनल हाइवे के 13.92 किलोमीटर मार्ग पर होना है काम, गड्ढों भरी सडक़ों से मिलेगी निजात
अम्बिकापुर. शहरी यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से अम्बिकापुर एवं सीतापुर के शहरी क्षेत्रों में प्रमुख मार्गों के तत्काल सुधार के लिए वन टाइम इम्प्रूवमेंट (ओटीआई) योजना (NH road) के अंतर्गत 44.82 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने से दोनों शहरों की सडक़ों की हालत में सुधार होने की उम्मीद है। सडक़ों का सुधार कार्य होने से जनता को राहत मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) (NH road) के अधिकारियों के अनुसार, अम्बिकापुर शहरी क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास से गांधी चौक होते हुए देवीगंज रोड, सदर रोड से खरसिया चौक तक डामरीकरण किया जाएगा। वहीं खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक सीसी रोड का निर्माण किया जाएगा। इस खंड में दो पुलियों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
वर्तमान में सिलफिली, अम्बिकापुर, सीतापुर, पत्थलगांव, कांसाबेल और कुनकुरी के शहरी हिस्सों में बीटी पैच रिपेयर के माध्यम से सडक़ मरम्मत (NH road) कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, रायपुर की एसटीएमसी योजना के तहत किया जा रहा है। इसके लिए कुल 7.24 करोड़ रुपये की निविदा स्वीकृत हुई है, जिसमें से 5.32 करोड़ रुपये की राशि से आगामी 12 माह तक शहरी मार्गों का संधारण किया जाएगा।
देवीगंज रोड में पहले संधारण कार्य (NH road) किया जा चुका है। 19 दिसंबर 2025 की घटना के बाद ठेकेदार को दिन के समय ही मरम्मत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। सिलफिली में पैच रिपेयर पूर्ण होने के बाद अम्बिकापुर शहर में शेष और नव-निर्मित गड्ढों की मरम्मत कराई जाएगी।
ओटीआई योजना के तहत अम्बिकापुर शहरी भाग (NH road) में किमी 375.600 से 385.700 तक कुल 10.10 किमी तथा सीतापुर शहरी भाग में किमी 433.850 से 437.670 तक कुल 3.82 किमी सडक़ का मजबूतीकरण प्रस्तावित है। पूरी परियोजना की लागत 44.82 करोड़ रुपये है, जिसे 17 दिसंबर 2025 को स्वीकृति मिली है।
कार्य (NH road) के लिए 41.99 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की गई है, जिसकी तिथि 21 जनवरी निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्य सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की स्वीकृति से ही किए जा रहे हैं।
अन्य किसी मद से अतिरिक्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण अलग से कार्य कराना संभव नहीं है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद शहरी मार्गों पर आवागमन आसान होगा और नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।