
अंबिकापुर। सूरजपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की नृशंस हत्या के 3 दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 8 अक्टूबर को फांसी, जबकि एक को उम्रकैद की सजा (Court sentenced Death) सुनाई। कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रधान आरक्षक जहां भावुक हो गया था, वहीं परिजन ने भी संतुष्टि जताई। इधर सूरजपुर पुलिस परिवार ने दोषियों को मृत्युदंड मिलने पर खुशी जताते हुए रात में दीप जलाए तथा पटाखे फोडक़र दिवाली मनाई। उन्होंने कहा कि हम कोर्ट के इस फैसले से खुश हैं। 2 साल बाद आखिर मां-बेटी को न्याय मिला। बता दें कि जिन 3 दोषियों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है, उन्होंने घटना दिवस 13 अक्टूबर 2024 की रात प्रधान आरक्षक के घर में घुसकर उसकी पत्नी पर चाकू से 33 तथा 11 वर्षीय बेटी पर 28 बार वार किए थे। आरोपियों ने पत्नी से रेप भी किया था। इसके बाद शव को उन्होंने घर से 5 किलोमीटर दूर निर्वस्त्र फेंक दिया था।
8 अक्टूबर को सूरजुपर फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रधान आरक्षक की पत्नी व उसकी 11 वर्षीय बेटी की नृशंस हत्या (Head Constable Wife and Daughter murder) के दोषी 4 आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई। कोर्ट ने 3 दोषियों सूरजपुर के बाजारपारा निवासी कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके और फूल सिंह उर्फ रिंकू को फांसी की सजा सुनाई, वहीं आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को उम्रकैद की सजा दी।
फांसी की सजा पाए तीनों दोषियों ने ही 13 अक्टूबर 2026 की रात प्रधान आरक्षक के किराए के मकान में घुसकर उसकी पत्नी और बेटी की जघन्य हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को निवस्त्र करने के बाद कार में डालकर 5 किलोमीटर दूर फेंक दिया था। बता दें कि मुख्य आरोपी कुलदीप साहू ने पुलिस को चकमा देते हुए साथियों के साथ मिलकर वारदात (Double Murder) को अंजाम दिया था।
फास्ट ट्रैक में सजा सुनाए जाने के दौरान कल काफी गहमागहमी बनी हुई थी। फांसी और उम्र कैद की सजा पाए दोषियों को सेंट्रल जेल अंबिकापुर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था। सजा सुनते ही कुलदीप साहू के चेहरे पर डर देखा गया।
इधर 28 सितंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट से निकलते समय कुलदीप साहू ने मीडिया के सामने मुस्कुराते (Smile gesture) हुए पोज दिया था। इसे लेकर भी कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि इतनी जघन्य वारदात के बाद भी आरोपी के व्यवहार में पाश्चाताप नहीं दिखा। वह समाज में लौटने के लायक नहीं है।
प्रधान आरक्षक की पत्नी व बेटी की नृशंस हत्या (Brutal Murder) के 3 दोषियों को फांसी और एक को उम्रकैद की सजा दिए जाने के बाद पुलिस परिवार में खुशी देखी गई। 8 अक्टूबर की रात पुलिस परिवार ने कॉलोनी में दीये जलाए तथा जमकर आतिशबाजी की। उन्होंने कहा कि 2 साल बाद मृत मां-बेटी को न्याय मिला। वहीं प्रधान आरक्षक ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश लिखा।
उसने लिखा कि ‘लंबे दुख के समय के बाद अंधेरे में एक न्याय की लौ ने जीवन का नया संदेश दिया है। माननीय कोर्ट के फैसले ने यह साबित किया है कि न्याया जिंदा हे और ऐसे दुर्दांत अपराधियों की सजा कानून में तय है। उसने लिखा कि आप सभी लोगों का आभार जिन्होंने इस न्याय की लड़ाई में मेरा साथ दिया, उन सभी का भी आभार जिन्होंने इतने मुश्किल समय में भी मेरे खिलाफ घडय़ंत्र और चालबाजी की। अभी मुझे कोर्ट के फैसले को उसके अंजाम तक पहुंचाने के लिए लंबी लड़ाई लडऩी है।’