
Surajpur Double murder Case, कुलदीप साहू ने मुस्कुराते हुए दिया था पोज (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। सूरजपुर कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी और 11 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत 3 दोषियों को फांसी (Sentenced Death) की सजा सुनाई, जबकि 1 को उम्रकैद की सजा मिली। 28 सितंबर को कोर्ट में सुनवाई के बाद दोषी पाए गए कुलदीप साहू ने कोर्ट परिसर से निकलने के दौरान मीडिया के सामने मुस्कुराते हुए पोज दिया था। लेकिन मृत्युदंड की सजा मिलने के बाद उसके चेहरे पर भय देखा गया। सेंट्रल जेल अंबिकापुर के अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत ने बताया कि वीडियो कांफे्रंसिंग के माध्यम से उसे आज पेश किया गया था। स्टाफ ने बताया कि उसके चेहरे पर डर वाला रिएक्शन था। उन्होंने बताया कि फांसी देने की व्यवस्था रायपुर जेल में है, इस वजह से उसके शिफ्टिंग की प्रक्रिया की जाएगी।
सूरजपुर के बहुचर्चित दोहरा हत्याकांड (Double Murder) मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को दोषी कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके व फूल सिंह उर्फ रिंकू को फांसी की सजा सुनाई है, वहीं आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को उम्र कैद की सजा दी है। कोर्ट में फैसला सुनाने के दौरान वहां काफी गहमागहमी की स्थिति रही। इधर कोर्ट के इस फैसले से मृतको के परिजन संतुष्ट नजर आए।
मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत अन्य दोषियों को सेंट्रल जेल अंबिकापुर में वीडियो कांफे्रंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। फांसी की सजा मिलने के बाद दोषियों के चेहरे पर भय का माहौल (Fear on face) देखा गया। इस संबंध में सेंट्रल जेल अंबिकापुर के अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत ने कहा कि यहां बंदी काफी समय से निरुद्ध हैं।
वीडियो कांफे्रंसिंग के माध्यम से कोर्ट में बंदियों को पेश किया गया था। जब जानकारी मिली कि उसे फांसी की सजा हुई है। सजा सुनते ही कुलदीप साहू के चेहरे पर भय नजर आया। बता दें कि 28 सितंबर को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद कोर्ट से निकलते समय वह मुस्कुरा रहा था।
जेल अधीक्षक (Central Jail Ambikapur Superintendent) ने बताया कि अब आगे की विभागीय पक्रिया जेल नियमावली के अनुसार की जाएगी। फांसी देने की व्यवस्था रायपुर सेंट्रल जेल में है। आगामी प्रक्रिया के तहत न्यायालय से परमिशन लेकर शिफ्टिंग की जाएगी।
जेल अधीक्षक का कहना था कि स्टाफ ने बताया कि मृत्युदंड मिलने से निश्चित रूप से उसके चेहरे पर भय था। अब हमने उसकी सुरक्षा भी बढ़ा दी है ताकि वह कोई अनावश्यक कदम न उठाए। न्यायालय में वह मुस्कुरा रहा था, लेकिन इस बार ऐसा रिएक्शन देखने को नहीं मिला।
Updated on:
08 Oct 2026 06:43 pm
Published on:
08 Oct 2026 05:45 pm
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