
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री व सरगुजा के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी (Political War) सोमवार को अंबिकापुर प्रवास पर थे। उन्होंने यहां बुजुर्गों की देखभाल के लिए सियान गुड़ी डे-केयर सेंटर का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब दिए। जब उनसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल बिल्डिंग निर्माण के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जय-वीरू (पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव व पूर्व सीएम भूपेश बघेल) के झगड़े के कारण यहां मेडिकल कॉलेज अस्पताल का पैसा नहीं आ रहा था। हमारी सरकार ने आते ही इसके लिए 100 करोड़ रुपए दिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि टीएस सिंहदेव (Former Deputy CM) यहां के जनप्रतिनिधि रहे। उनके पास स्वास्थ्य विभाग था, वे डिप्टी सीएम भी थे। वहीं वित्त विभाग पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पास था, इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए पैसा नहीं आया। उन्होंने कहा कि मैंने सीएम के निर्देश पर 100 करोड़ रुपए देकर वित्त मंत्री का कार्य पूरा कर दिया है,
अब सरगुजा के प्रभारी मंत्री के तौर पर निर्माण एजेंसियों को बोलूंगा कि वे तेजी से काम पूरा करें, ताकि मेडिकल कॉलेज अस्पताल का काम किसी निष्कर्ष पर पहुंच सके।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल जो इतने सालों तक कांग्रेस के शासनकाल (Congress Government) में पूरा नहीं हो सका था, उसका लाभ सरगुजा की जनता को मिल सके। समीक्षा बैठक को लेकर कहा कि हमने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकर शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके, इसके लिए उन्हें प्रेरित किया है।
वित्त मंत्री द्वारा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को लेकर दिए गए बयान पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि उन्होंने मुझे याद किया, इसके लिए धन्यवाद। मेडिकल कॉलेज (Ambikapur Medical college) को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल को याद किया, जय-वीरू को भी याद किया। मेडिकल कॉलेज में जितना काम हुआ, उसके बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा। हमनें मेडिकल कॉलेज चालू कराया, कुछ काम अधूरे रह गए थे।
मेडिकल कॉलेज में पोस्ट गे्रजुएशन के करीब 50 पोस्ट मिले, उसे मंत्रीजी (Finance Minister) ने याद नहीं किया। उनको बस यही याद रहा कि कांग्रेस के कारण ये बिल्डिंग अधूरी रह गई। उन्हें याद होगा कि इनकी सरकार बनते ही मैं उनसे और सीएम से मिला था। मैंने कहा था कि जितनी राशि स्वीकृत हुई थी, उससे ज्यादा के काम हो चुके हैं। यदि और राशि मिल जाती तो काम पूरा हो जाता। बाद में राशि भी मिली लेकिन इन्होंने अपनी नाकामी छिपाने हमें याद किया।
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि इनकी सरकार बने ढाई साल हो गए, ढाई साल से ये सरगुजा के प्रभारी मंत्री हैं। इसके बाद भी ये टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि इतनी तो जिम्मेदारी ले लीजिए। हमारी कमी को आपने गिनाया, यह आपकी सद्भावना है।
कम से कम इतना तो कहना चाहिए था कि हम लोग ढाई साल में बिल्डिंग (Medical college building) का काम पूरा नहीं कर पाए, मरीजों को परेशानी हो रही होगी। हम कोशिश करते हैं कि जल्द से जल्द काम हो जाए। उन्होंने कहा कि मंत्री जी हम सकारात्मक दिशा में चलें। आप सत्ता में हैं, हम विपक्ष में हैं, यदि हम मिलकर इस दिशा में काम करेंगे तो अंबिकापुर, सरगुजा और छत्तीसगढ़ की जनता के लिए बेहतर होगा।