
अंबिकापुर। अंबिकापुर के मणिपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रिंग बांध तालाब की 57 डिसमिल जमीन को फर्जी दस्तावेजों और मृत्यु प्रमाण पत्र के सहारे दूसरे लोगों के नाम (Land Fraud Case) कर दिया गया था। शिकायत सामने आने के बाद कलेक्टर (Surguja Collector) ने तहसीलदार से मामले की जांच कराई थी। इसमें मुख्य आरोपी के रूप में सूरजपुर जिले के जयनगर निवासी आजाद इराकी का नाम सामने आया था। कलेक्टर के निर्देश पर उसके खिलाफ मणिपुर थाने में एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। इधर अंबिकापुर कोर्ट द्वारा 25 सितंबर को आरोपी को जमानत दी गई थी। अब आजाद इराकी को मिली जमानत (Bail) के खिलाफ अभियोजन पक्ष न्यायालय में अपील/पुनरीक्षण प्रस्तुत करेगा। इस संबंध में सरगुजा कलेक्टर ने 30 सितंबर को जिला अभियोजन निदेशालय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर कार्यालय से जो पत्र जारी किया गया है, उसके अनुसार शहर के मणिपुर थाने में आरोपी सूरजपुर जिले के जयनगर निवासी आजाद इराकी पिता रियाजुद्दीन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज है। मामले में आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन (Bail Application) पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अंबिकापुर के न्यायाधीश अरिंदम नेरल ने 25 सितंबर को जमानत स्वीकार करने का आदेश पारित किया था।
इस आदेश के बाद जिला अभियोजन निदेशालय अंबिकापुर की ओर से कलेक्टर कार्यालय को प्रतिवेदन भेजा गया। प्रतिवेदन में यह कहा गया कि अभियोजन पक्ष को बिना सुने न्यायालय (Ambikapur Court) द्वारा जमानत स्वीकार किया गया है। प्रतिवेदन का अवलोकन करने के बाद कलेक्टर ने संबंधित मामले में पारित जमानत आदेश के विरुद्ध जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर के समक्ष अपील अथवा पुनरीक्षण प्रस्तुत करने की अनुमति प्रदान की है।
कलेक्टर ने अपने आदेश में अभियोजन पक्ष को निर्देशित किया है कि जमानत आदेश के खिलाफ नियमानुसार तत्काल अपील/पुनरीक्षण प्रस्तुत करने की कार्रवाई करें। पत्र की प्रतिलिपि लोक अभियोजक, जिला एवं सत्र न्यायालय अंबिकापुर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इस कार्रवाई के बाद अब मामले में जमानत आदेश (Bail order) को उच्च न्यायालयीन स्तर पर चुनौती देने की प्रक्रिया शुरू होगी।