
अंबिकापुर। जनवरी 2025 में अपनी पत्नी की जलती लकड़ी से दागकर हत्या (Wife murder) करने वाले आरोपी को न्यायालय के आदेश पर रामानुजगंज जेल भेजा गया था। यहां उसकी तबियत खराब होने पर 20 जुलाई को अंबिकापुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया। सेंट्रल जेल प्रबंधन द्वारा गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान 21 जुलाई की देर रात उसकी मौत (Prisoner died in Medical college hospital) हो गई। विचाराधीन बंदी किस बीमारी से पीडि़त था, इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है।
बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पेंडारडीह निवासी विफना कोरवा पिता स्व. जरहा 40 वर्ष रामानुजगंज जेल में बंद था। उस पर 1 जनवरी 2025 को पत्नी की जलती लकड़ी से दागकर हत्या (Murder case) करने का आरोप लगा था। ससुर की रिपोर्ट पर शंकरगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
20 जुलाई को तबियत खराब होने की सूचना पर उसे (Prisoner took Central jail) अंबिकापुर के सेट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। सेंट्रल जेल से उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी बीच 21 जुलाई की रात करीब 12 बजे उसकी मौत हो गई। बुधवार को पीएम पश्चात उसका शव उसके परिजन को सौंप दिया गया।
शंकरगढ़ के ग्राम पहरी छुहीमाटी निवासी मखिरन कोरवा 50 वर्ष ने 2 जनवरी 2025 को शंकरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी पुनी बाई की शादी उसने ग्राम पेंडारडीह निवासी विफना कोरवा से की थी। उसने बताया कि 1 जनवरी को उसके नाती ने घर आकर बताया कि मां की मौत (Wife murder case) हो गई है।
जब वह ग्राम पेंडारडीह पहुंचा तो देखा कि बेटी जमीन पर पड़ी हुई थी तथा उसके शरीर पर जगह-जगह आग से दागने के निशान थे। नाती से पूछने पर बताया कि पिता ने सुबह करीब 7 बजे मां को जलती लकड़ी से दागा है, जिससे उसकी मौत हो गई। उसकी रिपोर्ट पर शंकरगढ़ पुलिस ने बीएनएस की धारा 103 के तहत आरोपी विफना कोरवा को गिरफ्तार किया था। न्यायालय के आदेश पर उसे रामानुजगंज जेल भेज दिया गया था।