
अंबिकापुर। ग्राम पंचायत चिताबहार के सामुदायिक शौचालय निर्माण में कथित गबन (Toilet scam case) के मामले में दूसरे सरपंच की गिरफ्तारी से नाराज जिला सरपंच संघ ने जनपद पंचायत अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजेश सिंह सेंगर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जिलेभर के सरपंच अंबिकापुर पहुंचे और कलेक्टर अजीत वसंत को ज्ञापन सौंपकर जनपद सीईओ को तत्काल हटाने की मांग की। सरपंच संघ ने चेतावनी दी कि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
अंबिकापुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत चिताबहार में वर्ष 2020-21 में सामुदायिक शौचालय निर्माण की 1.75 लाख रुपए की अंतर राशि के कथित गबन की जांच चल रही है। इस मामले में चार दिन पूर्व दरिमा पुलिस ने सरईटिकरा के सरपंच एवं जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष रामसाय मिंज को गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय में पेश कर दिया।
न्यायालय में दस्तावेज प्रस्तुत होने पर स्पष्ट हुआ कि संबंधित पंचायत के सरपंच रामसाय मिंज (Sarpanch Union President) नहीं, बल्कि उस समय शिवनाथ भगत थे। इसके बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए।
मामले के तूल पकडऩे के बाद जनपद पंचायत अंबिकापुर ने एसडीएम न्यायालय को पत्र भेजकर स्वीकार किया कि रिकॉर्ड में त्रुटिवश चिताबहार के सरपंच के रूप में रामसाय मिंज का नाम दर्ज था। रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने के कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा भेज दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि सरईटिकरा के सरपंच के विरुद्ध गलत कार्रवाई की अनुशंसा किए जाने के मामले में जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। अब जिला सरपंच संघ ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई (Strict action) की मांग तेज कर दी है।
सरपंच संघ ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि जनपद सीईओ के कार्यकाल में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर आदिवासी जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की जाती है, जबकि वास्तविक मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती। इससे पंचायत प्रतिनिधियों में भय और असंतोष का माहौल है।
संघ ने यह भी कहा कि वर्ष 2025 में भी सीईओ (Ambikapur Block CEO) के स्थानांतरण की मांग को लेकर जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद राज्य शासन ने 30 जून 2026 को उनका स्थानांतरण रामानुजनगर जनपद पंचायत कर दिया, लेकिन अब तक उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इससे शासन के आदेशों के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सरपंच संघ ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ को तत्काल कार्यमुक्त कर स्थानांतरण आदेश का पालन कराया जाए। साथ ही उनके कार्यकाल में पंचायत प्रतिनिधियों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। रामसाय मिंज की गिरफ्तारी प्रकरण (Sarpanch arresting) की जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।