अंबिकापुर

School holiday: शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए सरगुजा व बलरामपुर के स्कूलों में कलेक्टर ने घोषित की छुट्टी

School holiday: नर्सरी से 5वीं कक्षा के तक के बच्चों को मिलेगी राहत, दो पाली में लगने वाली स्कूलों के समय में भी किया गया परिवर्तन, उत्तर छत्तीसगढ़ में पड़ रही कड़ाके की ठंड, अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान पहुंचा 3.8 डिग्री

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Students (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अंबिकापुर. पिछले दो दिनों से शीतलहर के कारण सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं इनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ रहा था। कड़ाके की ठंड को देखते हुए कलेक्टर सरगुजा ने छात्रहित में निणर्य लेते हुए कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए 10 जनवरी तक के लिए छुट्टी की घोषणा (School holiday) की है। वहीं दो पाली में लगने वाले स्कूल के समय में भी परिवर्तन करते हुए प्रथम पाली सुबह 9.30 बजे से 12.30 बजे तक व दूसरी पाली की कक्षाएं 12.30 से 4 बजे तक संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

जिले में शीतलहर एवं अत्यधिक ठंड को दृष्टिगत रखते हुए छात्रहित में सरगुजा जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं अन्य सभी विद्यालयों के शाला संचालन समय में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा आंशिक संशोधन किया गया है। पूर्व में जारी आदेश (School holiday) के अनुसार 31 जनवरी तक के लिए शाला संचालन समय में परिवर्तन किया गया था।

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वर्तमान में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए 10 जनवरी तक परिवर्तित समय सारिणी लागू की गई है। 10 जनवरी के पश्चात विद्यालय पूर्व जारी आदेशानुसार 31 जनवरी तक संचालित होंगे। वहीं दो पालियों में संचालित होने वाले स्कूलों के लिए समय में भी परिवर्तन (School holiday) किया गया है।

आदेश के अनुसार प्रथम पाली में सोमवार से शुक्रवार तक कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक, शनिवार को दोपहर 12:30 बजे से शाम 4 बजे तक तथा द्वितीय पाली की कक्षाएं सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 12:30 बजे से शाम 4 बजे तक तथा शनिवार को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक लगेंगीं।

इसी प्रकार एक पाली में संचालित विद्यालयों का संचालन (School holiday) सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक तथा शनिवार को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक किया जाएगा। यह आदेश जिले में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर लागू होगा। जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।

शिक्षक व स्टाफ समय पर पहुंचेंगे स्कूल

इधर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार कक्षा 1 से 5वीं तक के विद्यार्थियों को 10 जनवरी तक के लिए छुट्टी दे दी गई है। हालांकि इस अवधि (School holiday) में समस्त शैक्षणिक एवं अन्य स्टॉफ निर्धारित समयावधि में विद्यालय में उपस्थित रहने कहा गया है। शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों को ठंड से बचाव हेतु आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यह आदेश जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं अन्य सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।

बलरामपुर में भी छोटे विद्यार्थियों को राहत

ठंड को देखते हुए बलरामपुर जिला कलेक्टर ने भी कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को पहले एक दिन 6 जनवरी को स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की थी। लेकिन तापमान में और गिरावट आने व शीतलहर को देखते हुए 2 दिनों की छुट्टी और बढ़ा दी है। अब बलरामपुर जिले में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को 8 जनवरी तक स्कूलों में छुट्टी (School holiday) दी है। वहीं अन्य कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय अनुसार संचालित होंगी।

School holiday: तापमान में लगातार गिरावट

कड़ाके की ठंड से न्यूनतम के साथ-साथ अधिकतम तापमान में भी गिरावट आ रही है। अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान गिरकर 3.8 डिग्री पहुंच गया है। वहीं अधिकतम तापमान 19 डिग्री दर्ज (School holiday) किया गया है। यह 24 घंटे के भीतर 3 डिग्री गिरावट है। वहीं पाट क्षेत्रों का पारा 2 डिग्री के करीब पहुंच गया है। मैनपाट व सामारी पाट में ओस की बूंदे जमने लगी हैं।

शीतलहर का अलर्ट

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार उत्तर दिशा से शुष्क हवाओं (School holiday) के आने का क्रम जारी है। इस लिए ठंड से अभी राहत की उम्मीद नहीं है। शीतलहर व घने कोहरे का अलर्ट जारी है।

पशुओं को ठंड से इस तरह से बचाएं

कड़ाके की ठंड से केवल मानव जीवन ही प्रभावित नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी परेशान हैं। डॉ सीके मिश्रा अतिरिक्त उप संचालक ने ठंड में पशुओं के बचाव व सुरक्षा के उपाए बताए हैं। उन्होंने बताया है कि पशुओं को साफ और ताजा पानी दें। बासी या बहुत ठंडा पानी से नुकसान पहुंचा सकता है। पशुओं को खुले में न छोड़ें।

रात के समय उन्हें सुरक्षित शेड में रखें। पशु शेड में नमी न रहने दें। गीली ज़मीन से सर्दी और बीमारियां बढ़ती है। शेड के फर्श पर सूखा पुआल या भूसा बिछाएं, जिससे ठंड से बचाव (School holiday) हो। शेड की खिड़कियों और दरवाज़ों पर पर्दे या बोरी लगाएं, ताकि ठंडी हवा न लगे।

पशुओं की पीठ पर ऊनी कंबल या जूट का बोरा बांधें, विशेषकर बछड़ों और बूढ़े पशुओं को। ठंड में पशुओं को अधिक ऊर्जा वाला दाना दें और साथ में मिनरल मिक्सचर अवश्य मिलाएं। इन उपायों से पशु स्वस्थ रहेंगे, बीमार नहीं पड़ेंगे, दूध उत्पादन बना रहेगा।

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Published on:
06 Jan 2026 08:30 pm
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