
अंबिकापुर/विश्रामपुर। सूरजपुर के अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर बिश्रामपुर नगर पंचायत के के प्लेंसमेंट कर्मचारी सुपरवाइजर ने मारपीट करने तथा गड्ढा खोदकर जमीन में गाड़ देने की धमकी (Additional collector kicked supervisor) देने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि अपर कलेक्टर ने 3-4 कर्मचारियों की पिटाई की और कहा कि यहीं गाड़ दूंगा। इससे कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। घटना के बाद दर्जनभर से अधिक कर्मचारी मामले की शिकायत करने थाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमलोग काम करने आए हैं, किसी का लात खाने नहीं। उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत हम कलेक्टर (Surajpur Collector) से भी करेंगे। यदि अपर कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तो हम आंदोलन करेंगे।
बिश्रामपुर में 15 अगस्त से लाइफ लाइन एक्सप्रेस में मरीजों का पंजीयन कर उनका इलाज किया जा रहा है। इसकी व्यवस्था सूरजपुर अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा की देखरेख में किया जा रहा है। बारिश की वजह से लाइफ लाइन एक्सप्रेस (Lifeline express) तक पहुंच मार्ग में इन दिनों कीचड़ हो गया है। ट्रेन तक एंबुलेंस जाने के लिए रास्ता तैयार करने की बात तहसीलदार द्वारा विश्रामपुर नगर पंचायत के प्लेसमेंट कर्मचारियों को कहा गया।
इसपर मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे कर्मचारियों द्वारा रास्ता तैयार किया जा रहा था। इस संबंध में प्लेसमेंट कर्मचारी सुपरवाइजर आकाश सिन्हा का कहना है कि काम के दौरान सूरजपुर के भी कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पूछा कि रास्ता किसने बनवाया है तो माइनिंग विभाग द्वारा काम करने बात बताई गई। इसी बीच अपर कलेक्टर मौके पर पहुंचे और सूरजपुर के कर्मचारियों से बात करने लगे।
इसके बाद उनके पास आए और गोलू सर के संबंध में पूछताछ की। इस पर उन्होंने कहा कि जब तक लाइफ लाइन चलेगा, गोलू का तबियत ठीक नहीं होगा। हमसे पूछा तो हमने कहा कि हम लेबर हैं काम कर रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि यही गड्ढो खोदकर गाड़ दूंगा (Threat to buried in pit) और ऊपर से जेसीबी चलवा दूंगा। इसके बाद उन्होंने अपने गार्ड की मदद से गाड़ी में खींचने लगे। विरोध करने पर उन्होंने हाथ-मुक्के और थप्पड़ से मुझे बेदम मारा।
प्लेसमेंट कर्मचारी सुपरवाइजर आकाश सिन्हा का कहना है कि काम करने के दौरान अपर कलेक्टर ने मुझसे जमकर मारपीट की। इस दौरान कर्मचारी रितेश ने ऑफिस में सूचना देने फोन निकाला तो अपर कलेक्टर ने उसका फोन तोड़ (Mobile broken) दिया। कर्मचारियों का कहना है कि हम काम करने आए थे, किसी का मार खाने नहीं।
हमें ऐसी नौकरी नहीं करनी है। उन्होंने कहा कि थाने में आधे घंटे तक हमारी एफआईआर नहीं लिखी गई। इसकी शिकायत हम सूरजपुर कलेक्टर से करेंगे। यदि वहां भी हमारी बात नहीं सुनी जाती है तो हम आंदोलन करेंगे।
इस संबंध में अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा (Surajpur Additional Collector) का कहना है कि मौके पर मैंने सभी से उनका काम करने कहा था। थोड़े तल्ख लहजे में मैंने निर्देश दिया था। इसे कुछ लोग अन्यथा ले रहे हैं। मारपीट के आरोप पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। यदि कोई ऐसी बात कर रहा है तो पूरी तरह से बेबुनियाद है, गलत है।