
अंबिकापुर/वाड्रफनगर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत मिडिल स्कूल से शर्मनाक (Shameful) मामला सामने आया है। यहां पदस्थ 2 शिक्षिकाओं ने स्कूल के प्रधानपाठक पर गंभीर आरोप लगाते हुए 1 अगस्त को मामले की शिकायत बलंगी चौकी में दर्ज कराई है। एक शिक्षिका का कहना है कि बच्चे को स्तनपान (Teacher feeding child) कराते समय प्रधानपाठक ने मुझे छिपकर देखा। वहीं दूसरी शिक्षिका ने बताया कि प्रधानपाठक कहते हैं कि यदि मासिक धर्म आया है तो सर्टिफिकेट लेकर आओ। यह मामला सामने आते ही शिक्षा महकमे में हडक़ंप मचा हुआ है। लोग प्रधानपाठक के इस कृत्य की कड़ी निंदा कर रहे हैं। वहीं मामला जब विधायक तक पहुंचा तो उन्होंने भी जांच कर प्रधानपाठक के खिलाफ कार्रवाई करने कहा है।
मामला बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत शासकीय मिडिल स्कूल भरूहीबांस का है। यहां की 2 शिक्षिकाओं ने प्रधानपाठक मनोज गुप्ता (Headmaster harassment teachers) के खिलाफ बलंगी चौकी में शिकायत दर्ज कराई है। एक शिक्षका का कहना है कि वह अपने दुधमुंहे बच्चे को लेकर स्कूल जाती है।
बच्चे को स्तनपान कराने के दौरान प्रधानपाठक ने कथित रूप से उसे छिपकर देखा। इससे उसके मान-सम्मान को आघात पहुंचा है तथा कार्यस्थल पर वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। प्रधानपाठक का यह कृत्य कहीं से भी उचित नहीं है।
वहीं इसी स्कूल में पदस्थ एक अन्य शिक्षका ने आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रधानपाठक मनोज गुप्ता द्वारा मासिक धर्म आने पर प्रमाण लाने की बात कहते हैं। वे कहते हैं कि यदि मासिक धर्म (Menstruation) आया है तो सर्टिफिकेट लेकर आओ, इसके बाद ही छुट्टी मिलेगी। शिक्षिका का कहना है कि यह कृत्य उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है तथा उन्हें मानसिक प्रताडऩा का शिकार होना पड़ रहा है।
शिक्षिकाओं ने मामले की शिकायत क्षेत्रीय विधायक शकुंतला पोर्ते (MLA Shakuntala Portey) से भी की है। विधायक ने इस मामले में पुलिस को निष्पक्ष जांच करने कहा है। उन्होंने कहा कि जांच में आए तथ्यों के आधार पर प्रधानपाठक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें। इधर यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा महकमे में हडक़ंप मचा हुआ है। लोग प्रधानपाठक द्वारा कथित रूप से किए गए इस कृत्य की निंदा कर रहे हैं।