
अंबिकापुर. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ग्राम मदननगर पहुंची सूरजपुर जिले की प्रतापपुर पुलिस (Surajpur Police attack) की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। करीब 100-150 ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। इस दौरान एक एएसआई और आरक्षक को पकडक़र बंधक बना लिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। बाद में एक प्रधान आरक्षक के पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने बंधक बनाकर रखे गए आरक्षक को छोड़ा। पुलिस ने मामले में 15 नामजद महिला-पुरुष आरोपियों सहित करीब 150 ग्रामीणों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
प्रतापपुर थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार के नेतृत्व में 7 अक्टूबर को टीम 2 आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों बाबूलाल पोया और बनवारी की गिरफ्तारी (Police in Village) के लिए ग्राम मदननगर पहुंची थी। सुबह करीब 9.40 बजे पुलिस टीम गांव पहुंची तो दोनों आरोपी वहां बैठे मिले। पुलिस को देखकर उन्होंने कथित रूप से हल्ला मचाया।
इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण टांगी, तब्बल, फरसा, डंडा और लाठी लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस के अनुसार, भीड़ का आक्रामक रुख देखकर थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मी वहां से निकलने लगे। इस दौरान सहायक उप निरीक्षक योगेंद्र जायसवाल के साथ भी मारपीट की गई। वे किसी तरह वहां से निकल गए।
वहीं आरक्षक रामदयाल राठिया को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। आरोप है कि उसके साथ हाथ-मुक्का, लाठी-डंडे और टांगी के पासा से मारपीट की गई, जिससे वह बेहोश हो गया। होश आने पर उसने खुद को पंचायत भवन में बंधक पाया।
पुलिस के मुताबिक ग्रामीणों ने आरक्षक से अन्य पुलिसकर्मियों को बुलाने के लिए कहा और धमकी (Villagers threat Policemen) दी कि उन्हें भी नहीं छोड़ा जाएगा। इसके बाद रामदयाल ने प्रधान आरक्षक विनोद परीड़ा को फोन किया। पुलिस टीम के वापस नहीं आने पर ग्रामीणों ने बाद में उसे छोड़ दिया।
पुलिस (Surajpur Police) ने मामले में बाबूलाल पोया, फुलजेंश, बनवारी, चमन, दीपक, रामू, अमित, दिनेश, कुलदीप, बिमला, सुंदरी, मानमती, जतरो, मानकुंवर, कैलाशो सहित करीब 100-150 ग्रामीणों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों से मारपीट, बंधक बनाने और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई शुरू की है।