
Surajpur news, ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला व घायल पुलिसकर्मी (Photo- Patrika)
प्रतापपुर/भटगांव। सूरजपुर जिले प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत मदननगर-धरमपुर में एसईसीएल की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को हिंसक (Surajpur Violence) हो गया। दरअसल कुछ दिन पूर्व सर्वे करने पहुंचे एसईसीएल के अधिकारियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। इस मामले में एसईसीएल की ओर से अपराध दर्ज कराया गया था। शुक्रवार की तडक़े आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण भी लाठी-डंडे से लैस होकर वहां आ गए। समझाइश के दौरान किसी बात पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, इसके बाद ग्रामीणों ने उनपर लाठी-डंडे से हमला कर दिया, जिसमें डीएसपी राजेश जोशी सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम मदननगर-धरमपुर क्षेत्र में एसईसीएल की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया का लंबे समय से विरोध किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मुआवजा नहीं, बल्कि जमीन के बदले जमीन दी जाए। इसी विवाद के बीच कुछ दिन पहले सर्वे के लिए पहुंची टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था।
इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस (Surajpur police) और प्रशासन की संयुक्त टीम 250 पुलिस बल के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरमपुर पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस के आगे बढऩे के प्रयास के दौरान दोनों पक्षों के बीच पहले धक्का-मुक्की हुई, जो बाद में पथराव और लाठी-डंडे से मारपीट में बदल गई।
इस दौरान डीएसपी सहित 6 पुलिसकर्मी घायल (Attack on policemen) हो गए। पुलिस के कुछ वाहनों और बसों में भी तोडफ़ोड़ की गई। सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।
ग्रामीणों के हमले (Clash between Policemen and Villagers) में घायल डीएसपी राजेश जोशी सहित अन्य पुलिसकर्मियों अमर सिंह, सुखी चंद एक्का, नंदकिशोर राजवाड़े, फूलमती राजवाड़े, सविता साहू को पहले स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया। फिर यहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में जारी है। हिंसक झड़प के दौरान कुछ देर के लिए प्रतापपुर-अंबिकापुर मुख्य मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।
सूरजपुर एएसपी योगेश देवांगन का कहना है कि पुलिस टीम भूमि अधिग्रहण नहीं, बल्कि पूर्व में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव गई थी, जहां ग्रामीणों के विरोध के कारण स्थिति बिगड़ गई। इस अभियान में 250 पुलिसकर्मी शामिल थे। सर्वे टीम को बंधक (Hostages SECL survey team) बनाने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि इलाके की स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण है, लेकिन पुलिस पूरी तरह सतर्क है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने पूरे मामले में विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
Updated on:
24 Jul 2026 09:04 pm
Published on:
24 Jul 2026 09:04 pm
