अंबिकापुर

एनएच की उबड़-खाबड़ सड़क पर हिचकोले खाती जा रही बस में बैठी गर्भवती की हो गई डिलीवरी, फिर…

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने चेकअप के बाद भेज दिया था घर, एनएच की खस्ताहाल सड़क बनी मुसीबत, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
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Updated: 31 Aug 2018, 5:41 PM IST
Child birth in bus
Child

अंबिकापुर/बतौली. अंबिकापुर-रायगढ़ की खस्ताहाल एनएच-43 पर गड्ढों में हिचकोले खाते हुए जा रही बस में पीछे की सीट पर सवार गर्भवती महिला का वाहन में ही प्रसव हो गया। उसने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया। दोनों को बतौली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शांतिपारा में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है कि महिला चेकअप के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल आई थी। यहां जांच पश्चात डॉक्टरों ने उसे संभवत: यह कहकर घर जाने की सलाह दी थी कि अभी प्रसव का समय नहीं हुआ है। लेकिन खस्ताहाल सड़क पर कई बार झटके खाने के बाद ऐसी स्थिति बन गई।


सरगुजा जिले के बतौली क्षेत्र के ग्राम गोविंदपुर निवासी पातरसाय की 28 वर्षीय पत्नी महेश्वरी को गुरुवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे शांतिपारा अस्पताल लेकर गए। जांच के बाद यहां के डॉक्टरों द्वारा उसे महतारी एक्सप्रेस से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।

लेकिन यहां अस्पताल में डॉक्टर ने संभवत: यह कहा कि अभी प्रसव का समय नहीं हुआ है, इस पर परिजन उसे छाबड़ा बस से घर ले जाने निकले। महिला पीछे की सीट पर बैठी थी। बस अंबिकापुर-रायगढ़ एनएच-43 की खस्ताहाल गड्ढों में तब्दील सड़क से गुजर रही थी।

बस में कई झटके लगने के बाद शाम लगभग 6.30 बजे महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। बस में साथ रहे परिजन जब तक कुछ कर पाते, इससे पहले महिला ने वाहन में ही एक बालक को जन्म दे दिया।


पास के अस्पताल में कराया गया भर्ती
बस में महिला की डिलीवरी होने के बाद परिजनों ने इसकी सूचना महतारी एक्सप्रेस को दी। इसके बाद महतारी शांतिपारा बस स्टैंड पहुंची और प्रसूता व बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शांतिपारा में लाकर भर्ती कराया गया। यहां के डॉक्टरों के अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

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