
अमेठी. कहते हैं कि कुछ सीखने कोई तय उम्र नहीं होती। अगर मन में लगन और कुछ करने का जज्बा हो, तो हर मुश्किल आसान नजर आती है। इस बात को सच कर दिखाया है नन्हे लाल ने जिन्होंने 68 की उम्र में 8वीं कक्षा की परीक्षा दी है। अमेठी के विकास खण्ड मुसाफिरखाना के दादरा गांव के स्कूल में आठवीं क्लास की अर्धवार्षिक परीक्षा नन्हे लाल ने दी। नन्हे लाल के बेटे राम बहोर लगभग 3 साल पहले दादरा जूनियर हाई स्कूल के पास बाग में मवेशियों को चराया करते थे। इसी के पास स्कूल में बच्चों को पढ़ता देख नन्हे लाल ने भी पढ़ने का मन बनाया। हालांकि, उम्र बाधा होने के कारण उनका एडमिशन होना मुश्किल था। उन्होंने शिक्षक से अपना नाम दाखिल करने की जिद की, तो शिक्षक ने बगैर नाम लिखे ही पढ़ने के लिए अनुमति दे दी।
डीएम से सम्मानित
नन्हे लाल की पढ़ने की ललक को देखकर बीते साल बीएसए और डीएम उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। उन्हें पढ़ाने वाले परिषदीय विद्यालय के शिक्षक मोहम्मद असगर कहते हैं कि अनपढ़, निरक्षर अभिभावकों और गांव के लोगों को नन्हेंलाल से प्रेरणा लेनी चाहि। वहीं मौजूद सहायक अध्यापक मो. असगर ने बताया कि नन्हे लाल न सिर्फ पढ़ाई में बल्कि खेलकूद, पीटी और व्यायाम में भी खास रूची रखते हैं।