केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में सरहद की सुरक्षा करने वाले जवान का कोई महत्व नहीं है। मामला अमेठी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गंगौली पूरे दिरगज गांव का है। गांव निवासी कुलदीप तिवारी सेना का जवान है। वह जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान के बॉर्डर पर तैनात है।
अमेठी. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में सरहद की सुरक्षा करने वाले जवान का कोई महत्व नहीं है। मामला अमेठी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गंगौली पूरे दिरगज गांव का है। गांव निवासी कुलदीप तिवारी सेना का जवान है। वह जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान के बॉर्डर पर तैनात है। कुछ दिन पूर्व जवान घर छुट्टी पर आया तो उसने मकान में काम शुरू कराया। पड़ोस के लोगों ने आपत्ति की और मामला पुलिस में पहुंचा। जवान कुलदीप का कहना है कि अमेठी कोतवाली पुलिस ने काम रुकवा दिया।
धारा 151 के तहत चालान
जवान कुलदीप का आरोप है कि पुलिस उसे अपने साथ कोतवाली लेकर आई और यहां लाकर उसके साथ अभद्रता किया। आरोप तो यहां तक है कि उसे एक तमाचा भी मारा और अंत में धारा 151 के तहत चालान कर दिया। जमानत के बाद भी पुलिस ने उसे थाने में बैठाए रखा और विपक्षी को छोड़ दिया। इस संबंध में जवान ने बुधवार को एसडीएम अमेठी से मिलकर लिखित शिकायत किया है। इस मामले में पुलिस का कोई अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहा है।