- Congress से 14 कार्यकर्ताओं को नोटिस - अमेठी और रायबरेली सहित 11 जिलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ता शामिल
अमेठी. लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में बुरी तरह पराजित हुई कांग्रेस ने हार के कारणों की समीक्षा करना शुरू कर दी है। इसके लिए पार्टी ने अनुशासन समिती स्थापित कर घर के विभीषणों की तलाश करना शुरू कर दी। पार्टी महासिच व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को अनुशासन समिति ने जो नाम सौंपे हैं, उनमें कांग्रेस के गढ़ कहे जाने वाले अमेठी और रायबरेली सहित 11 जिलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ता शामिल हैं। आठ कांग्रेसियों के निष्कासन की अनुमति प्रियंका ने दी है।
14 के खिलाफ शिकायत
लोकसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में कौन-कौन कांग्रेसी शामिल रहे, इसकी जांच और कार्रवाई के लिए प्रियंका गांधी ने तीन सदस्यीय अनुशासन समिति बनाई। समिति के एक सदस्य के अनुसार, रिपोर्ट में आठ कांग्रेसियों के निष्कासन की संस्तुति की गई है, जबकि 14 कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत है। इनमें जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक के पदाधिकारी भी शामिल हैं। वहीं, 14 अन्य कार्यकर्ताओं से स्पष्टीकरण तलब करने, फिर उसके आधार पर कार्रवाई के लिए कहा है।
इन जिलों के कार्यकर्ता शामिल
लोकसभा चुनाव में मुख्य रूप से कांग्रेस (Congress) का गढ़ कहे जाने वाली अमेठी और रायबरेली से कार्यकर्ताओं का नाम हार के कारणों में शामिल है। अमेठी, रायबरेली के अलावा जिन जिलों के कार्यकर्ता शामिल हैं वह है अंबेडकरनगर, प्रयागराज, कौशाम्बी, आजमगढ़, डुमरियागंज, देवरिया, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और कानपुर।
प्रियंका गांधी ने ये स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी में अब ऐसे कार्यकर्ता नहीं रहेंगे। इसलिए उन्होंने अनुशासन समिति द्वारा जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को एक महीने से आगे बढ़ा दिया है।