
Three Sisters Marriage: अमरोहा में एक युवक से तीन बहनों की शादी का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर सबसे छोटी बहन के नाबालिग होने के दावों के बीच बाल कल्याण समिति (CWC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। समिति ने हसनपुर पुलिस और बाल संरक्षण अधिकारी से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, तीनों युवतियां खुद को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से शादी करने की बात कह रही हैं।
धौरिया गांव की रहने वाली अलका (20), देविका (19) और संतोष कुमारी उर्फ छवि सोशल मीडिया पर वीडियो बनाती हैं। अलका और संतोष सगी बहनें हैं, जबकि देविका उनकी मौसी की बेटी है, जो बचपन से उनके साथ ही रह रही है। तीनों इंस्टाग्राम और फेसबुक पर कंटेंट बनाती हैं और पिछले कुछ महीनों से गांव की कहानियों पर वीडियो बना रही थीं। इसी दौरान श्यामपुरी गांव निवासी विकास उर्फ विक्कू उनके साथ कैमरामैन के रूप में काम करने लगा। वीडियो में वह अक्सर पति का किरदार निभाता था। बाद में तीनों ने 17 जुलाई को मंदिर में विकास के साथ शादी कर ली।
शादी का मामला तब सामने आया, जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में विकास ने बारी-बारी से तीनों की मांग में सिंदूर भरा। तीनों दुल्हनों ने उसके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस शादी में दोनों परिवारों का कोई सदस्य शामिल नहीं था। बाद में तीनों युवतियों ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पहले जमाने में राजा दशरथ थे, जिनकी तीन रानियां थीं। फिर हमने क्या गलती की है।
तीनों युवतियों का कहना है कि उन्होंने शुरुआत में परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी की थी, लेकिन अब उनके परिजन भी इस रिश्ते को स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम लोगों ने अपने माता-पिता के खिलाफ जाकर शादी की थी, लेकिन अब वो भी राजी हैं। कुछ हिंदूवादी संगठन सवाल उठा रहे हैं, तो हमारी शादी सनातन के खिलाफ कैसे है, राजा दशरथ भी तो हिंदू थे। उनकी भी तीन शादियां हुई थीं। हम गलत कैसे हो सकते हैं? अगर हम अपराधी हैं तो वे भी गलत थे।
शादी के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद पुलिस ने तीनों युवतियों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। अब बाल कल्याण समिति ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। दस्तावेजों के अनुसार, संतोष कुमारी उर्फ छवि की उम्र 15 साल बताई जा रही है। इसी आधार पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने जांच के निर्देश दिए हैं। हसनपुर पुलिस और बाल संरक्षण अधिकारी को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। वहीं, इस पूरे मामले के बाद परिवार ने भी अपनी बेटियों से दूरी बना ली है।