प्रदेश में ऐसे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या करीब पन्द्रह हजार आंकी गयी है। जिसे देखते हुए अब इन मदरसों की फंडिंग कहां से होती है और कौन सी संस्था है, जो इन्हें चला रही है। इन सब की जांच की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा में सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसा पर बुलडोजर चलवाने के बाद से ही गैर मान्यता वाले मदरसों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। अब प्रदेश के जितने भी अवैध जमीन पर बने मदरसे या गैर मान्यता प्राप्त मदरसे होंगे। उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मदरसों की पड़ताल कर ये पता लगाया जाएगा कि इनकी फंडिंग कहां से होती है और कौन सी संस्था है, जो इन्हें चला रही है। संचालकों के पास अपने भवन, परिया हैं या नहीं, या मदरसों में कितने छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं, कौन सा पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा, छात्र-छात्राओं को बुनियादी सुविधाएं मिल पा रही हैं या नहीं। इन सभी का पता लगाया जाएगा। इसके साथ् ही मदरसा शिक्षा परिषद के लिए नई नियमावली भी तैयार की जा रही है।
गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या 15000
आपको बता दें कि प्रदेश में ऐसे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या करीब पन्द्रह हजार आंकी गयी है। हालांकि प्रदेश के मदरसा शिक्षा परिषद के रिकार्ड में सिर्फ 16,500 मदरसे ही हैं, जिन्हें मान्यता प्राप्त है। इनमें से 558 मदरसे अनुदानित हैं। परिषद के चेयरमैन डा. इफ्तिखार अहमद जावेद के मुताबिक, इस सर्वे के बाद जो भी मदरसे पात्र होंगे उन्हें मान्यता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उप्र मदरसा शिक्षा परिषद की नियमावली फिर से तैयार की जाएगी।
मंत्रिमंडल से पास करायी जाएगी नई नियमावली
अहमद जावेद ने बताया कि साल 2016 में इस नियमावली को संशोधित किया गया था। इसके बाद अब बदले हुए हालात में नये व आधुनिक विषयों के पठन-पाठन, शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा ली जाने वाली परीक्षा आदि के बारे में प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नई नियमावली तैयार करने के बाद शासन को भेजी जाएगी और मंत्रिमंडल से पास कराया जाएगा।