
वाशिंगटन। अमरीका सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एयरस्ट्राइक (Airstrike) का सहयोग मिलने के बाद अफगानिस्तान सुरक्षा बलों ने तालिबान को पीछे धकेलना शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गजनी, तखर, कंधार, हेलमंद और बागलान सहित 20 प्रदेशों में लड़ाई जारी है। लड़ाई में तालिबान के साथ कई पाकिस्तानी लड़ाके भी हताहत हुए हैं। इस दौरान पाकिस्तान की पोल खुल गई है। अफगान सेना के हमले में एक पाक का अधिकारी भी मारा गया है। यह दर्शाता है कि पाकिस्तान खुलकर तालिबान का साथ दे रहा है।
दोबारा से सामने आया पाकिस्तान का झूठ
अफगान सुरक्षा बलों ने एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी को भी मार गिराया है। इससे यह पुष्टि होती है कि पाकिस्तान सक्रिय रूप से तालिबान की मदद कर रहा है। अफगान आर्मी 209 कॉर्प्स के अनुसार, जावेद नाम का एक पाकिस्तानी सैन्य अफसर हमले में मारा गया। जावेद लोगर, पक्तिया और पक्तिका के क्षेत्रों में आतंकियों का नेतृत्व कर रहा था। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने हवाई हमले को लेकर अमरीका की निंदा की है। अफगानिस्तान सरकार ने सुरक्षा बलों की मुक्त आवाजाही तय करने के लिए मुख्य हाईवे की सुरक्षा बढ़ाई है।
भारत द्वारा बनाया गया सलमा बांध सुरक्षित
रिपोर्ट के अनुसार अफगान सुरक्षा बलों ने हाईवे से लगे कई गांवों को विद्रोहियों के कब्जे से छुड़ा लिया है। इस दौरान नौ विस्फोटकों को निष्क्रिय कर दिया गया। अफगान सुरक्षा बलों ने हेरात में भारत द्वारा बनाए सलमा बांध पर हमले को भी विफल करा है। इस हमले में कई तालिबनी लड़ाके मारे गए। वहीं पांच अन्य घायल हो गए हैं।
हवाई हमले करना जारी रखेगा अमरीका
इन सबके बीच अमरीकी सेंट्रल कमांड के कमांडर जनरल केनेथ एफ मैकेंजी ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात की है। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि अमरीका आतंकियों के खिलाफ हवाई हमले जारी रखेगा। उन्होंने कांधार की लड़ाई को मुश्किल बताया और कहा कि इलाके में अभी तक तालिबान का नियंत्रण नहीं हुआ है लेकिन इस क्षेत्र का नियंत्रण दोनों पक्षों के लिए अहम है।