गौरतलब है कि अगस्त 2017 से सात लाख से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेश में रह रहे हैं। बौद्ध बहुल म्यांमार में सेना ने विद्रोहियों के हमले के बाद मुस्लिम समुदाय पर कठोर कारवाई शुरू करने के बाद से शरणार्थी बांग्लादेश पहुंच रहे हैं। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के अनुसार कॉक्स बाजार, जहां लाखों रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं, बांग्लादेश के सबसे अधिक आपदाग्रस्त हिस्सों में से एक है।