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रोहिंग्या शरणार्थी शिवरों में भीषण बाढ़ के कारण छह लोगों की मौत, 12 हजार से ज्यादा प्रभावित

2500 से ज्यादा लोगों के शेल्टर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए हैं। 28 जुलाई को 30 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हुई है।
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नई दिल्ली

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Mohit Saxena

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Updated: 30 Jul 2021, 1:09 AM IST

rohingya camps

rohingya camps

ढाका। दक्षिणी बांग्लादेश (South Bangladesh) में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद रोहिंग्या (Rohingya) शरणार्थियों के शिविरों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। शरणार्थी शिविर में रहने वाले लोग अब दोबारा से शरणार्थी शिविरों की तलाश कर रहे हैं। यूनाइटेड नेशंस की रिफ्यूजी एजेंसी के अनुसार कॉक्स बाजार के कैंपों में 28 जुलाई को 30 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हुई है। इस कारण 12 हजार से ज्यादा रोहिंग्या प्रभावित हो गए हैं। वहीं 2500 से ज्यादा लोगों के शेल्टर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए हैं।

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शरणार्थी शिविरों की तलाश कर रहे हैं

पांच हजार से ज्यादा लोग शरणार्थी शिविरों की तलाश कर रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी की वजह से स्थिति और खराब हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अगले कुछ दिनों में और भारी बारिश की उम्मीद जताई गई है। अब तक बरसात और बाढ़ की वजह से शिविरों में छह लोगों की मौत हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार शरणार्थियों को ठीक से खाने और पीने को लेकर दिक्कतें बढ़ गई हैं। शरणार्थियों का कहना है कि बीते चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से उनके घर में पानी भर गया है।

सात लाख से ज्यादा रोहिंग्या बांग्लादेश में रह रहे

गौरतलब है कि अगस्त 2017 से सात लाख से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेश में रह रहे हैं। बौद्ध बहुल म्यांमार में सेना ने विद्रोहियों के हमले के बाद मुस्लिम समुदाय पर कठोर कारवाई शुरू करने के बाद से शरणार्थी बांग्लादेश पहुंच रहे हैं। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के अनुसार कॉक्स बाजार, जहां लाखों रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं, बांग्लादेश के सबसे अधिक आपदाग्रस्त हिस्सों में से एक है।