पाकिस्तान में नही रुक रहे अल्पसंख्यकों पर हमले। सिख धर्मगुरु को दुकान में घुसकर मारी गोली, मौके पर ही हुई मौत। दहशत में समुदाय...
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में लगातार अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा और अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में एक और सनसनीखेज मामला जुड़ गया है। पाकिस्तान के खैबर पख्तनूख्वा में मंगलवार को एस सिख धर्मगुरु चरणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। चरणजीत सिंह की दिन दहाड़े हत्या ने एक बार फिर पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय को दहशतजदा कर दिया है। इस हत्याकांड के बाद अल्पसंख्यक समुदाय सकते में है। पाकिस्तान में बीते कुछ समय में लगातार सिखों के कत्लेआम की खबरें आती रही हैं। यही वजह है कि पेशावर में इस समय रह रहे अधिकतर सिख संघ शासित आदिवासी इलाके के विभिन्न हिस्सों से विस्थापित हो गए हैं।
ठिकाने बदल रहे हैं अल्पसंख्यक
अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार हमलों से सिख समुदाय में डर का माहौल है। अपने पुश्तैनी इलाकों को छोड़कर अब ये लोग आदिवासी इलाकों में विस्थापित हो रहे हैं। पिछले लंबे समय से सिख समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसकी बड़ी वजह है इस समुदाय में डर का माहौल बनाना है। आपको बता दें कि 52 वर्ष के सिख धर्चमगुरु रणजीत सिंह मानवाधिकार कार्यकर्ता भी थे। गोली मारने के बाद घटना स्थल पर ही चरणजीत की मौत हो गई।
दुकान में घुस कर मारी गोली
पाकिस्तान के खैबर पख्तनूख्वा में हुए इस हादसे ने मुल्क में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ रही हिंसा की घटनाओं और असंतोष को हवा दी है। आपको बता दें कि सिख धर्मगुरु चरणजीत सिंह खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर के पश्चिमोत्तर इलाके में रहते थे। सिख धर्? गुरु ु की स्कीम चौक इलाके में एक दुकान भी थी। हादसके वक्त वे दुकान में बैठे जब हमलावरों ने सीधे घुसकर चरणजीत सिंह को गोली मारी और फरार हो गया। जानकारी के मुताबिक, पेशावर में उन्हें यह दुकान खोले काफी समय हो चुका था।
हत्या का कारण अभी साफ नहीं
सिख धर्मगुरु चरणजीत सिंह की हत्या के पीछे क्या कारण है इसका फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है। पेशावर के एसपी सद्दार शौकत खान ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चरणजीत सिंह की हत्या अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर किया गया या व्यक्तिगत रंजिश में की गई।