
नई दिल्ली। भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों की गुरुवार को नई दिल्ली में मुलाकात हो रही है। दोनों देशों के बीच डोकलाम विवाद के बाद रक्षा मंत्रियों की यह पहली बैठक है। डोकलाम के लगभग एक साल बाद दोनों देशों के रक्षा मंत्री नई दिल्ली में आज अहम बैठक कर रहे हैं। बता दें कि चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगे गुरुवार को ही दिल्ली पहुंचे हैं। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद उनका भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बातचीत का कार्यक्रम है।
डोकलाम के बाद पहली मुलाकात
बता दें कि डोकलाम विवाद के बाद भारत और चीन के सैनिक कई बार आमने आमने आ चुके हैं। चीनी सैनिक कई बार भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश कर चुके हैं। इसे लेकर भारत कई बार चीन से अपना विरोध व्यक्त कर चुका है। रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत की तरफ से इस मुद्दे को उठाये जाने की संभावना है। भारत अभी हाल में ही चीन के लद्दाख क्षेत्र में अतिक्रमण को भी मुद्दा बनाएगा। इसके अलावा दोनों देश सीमा विवाद पर भी वार्ता कर सकते हैं।
पिघलेगी रिश्तों पर जमी बर्फ
भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों की इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच आपसी रक्षा संबंधों पर जमी हुई बर्फ पिघलने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि इस साल अक्टूबर में भी इसी तरह की एक और बातचीत चीन में आयोजित हो सकती है।हालांकि अभी इसकी तारीख तय नहीं हुई है। इसके अलावा दोनों देशों की सेनाएं साल के आखिर में सैन्य अभ्यास भी करेंगी।
भारत और चीन के बीच अविश्वास का माहौल
रक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि भारत और चीन के बीच आपसे विश्वास की जड़ें बेहद कमजोर हैं। डोकलाम के बाद यह स्थिति और भी अधिक गंभीर हो गई है। बता दें कि बीते साल जून से लेकर अगस्त के अंतिम हफ्ते तक करीब 72 दिनों तक भारत-चीन-भूटान बॉर्डर के डोकलाम इलाके में भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनातनी देखने को मिली थी। सड़क बनाने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद बाद में एक एक गतिरोध में तब्दील हो गया। डोकलाम को लेकर चीन का दावा है कि वह उसका इलाका है, जबकि भारत का कहना है कि डोकलाम भूटान का हिस्सा है जहाँ तीनों देशों की सीमायें मिलती हैं।