बुधवार को जेद्दा में इस्लामिक देशों और रूस के बीच रणनीतिक दृष्टिकोण समूह की बैठक आयोजित हुई। इस्लामिक सहयोग संगठन यानी ओआईसी में रूस के शामिल होने के बाद वर्ष 2006 में रणनीतिक दृष्टिकोण समूह की स्थापना की गई थी। माना जा रहा है कि तभी से इस समूह ने मॉस्को, कजान, इस्तांबुल, जेद्दा और कुवैत में अपनी बैठकें की हैं।

नई दिल्ली।
सऊदी अरब और रूस के रिश्तों में सुधार हो रहा है। इस बात की पुष्टि खुद सऊदी अरब के किंग सलमान ने की है। उन्होंने जेद्दा सम्मेलन में रूस के साथ सऊदी अरब के संबंधों की सराहना भी की है। जेद्दा में बुधवार को इस्लामिक देशों और रूस के बीच रणनीतिक दृष्टिकोण समूह की बैठक शुरू हुई।
यही नहीं, जेद्दा सम्मेलन के दौरान रूस के साथ सऊदी अरब के संबंधों की तारीफ करते हुए किंग सलमान ने कहा, सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाने विभिन्न धर्मों, सभ्यताओं को मानने वालों के बीच बातचीत और उग्रवाद तथा आतंकवाद के साथ मुकाबला करने में सहयोग को लेकर इस्लामी देशों और रूस के बीच इस बैठक के महत्व में यकीन करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जेद्दा सम्मेलन में यानी इस्लामिक देशों और रूस के बीच चल रहे इस समिट में साझा मुद्दों और मौजूदा चुनौतियों का सामना करने में सहयोग को मजबूत करने पर बातचीत हो रही है।
इसके अलावा, सऊदी अरब के किंग सलमान ने अपने बयान में कहा है कि सऊदी अरब और रूस के संबंध पहले से ही ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों में हाल के कुछ वर्षों में एक दूसरे देशों के दौरे से और ज्यादा मजबूती आई है। इसके नतीजे में दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और रक्षा के क्षेत्रों में कई संयुक्त समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस सम्मेलन में सऊदी अरब के उप-विदेश मंत्री वलीद बिन अब्दुलकरीम अल खुरैजी ने भी सऊदी विदेश मंत्रालय की तरफ से अपना संबोधन दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने इस्लामिक देशों के बीच संबंध और दोस्ती बढ़ाने में बीते 50 वर्षों से इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी ओआईसी के प्रयासों की सराहना की है। इसके साथ ही उन्होंने संगठन के लक्ष्यों को पूरा करने और इस्लामी मुद्दों की पहचान कर उसे पूरा करने में सऊदी अरब के प्रयासों की भी सराहना की है।