मालदीव पाकिस्तान के साथ मिलकर पावर सेक्टर में मजबूत क्षमता वाले बिल्डिंग निर्माण का निर्माण करेगा।
माले। मालदीव ने एक बार फिर भारत को झटका देते हुए पाकिस्तान के साथ पावर सेक्टर में करार किया है। मालदीव पाकिस्तान के साथ मिलकर पावर सेक्टर में मजबूत क्षमता वाले बिल्डिंग निर्माण का निर्माण करेगा। पिछले सप्ताह मालदीव के स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कंपनी स्टेलको के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान जाकर इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जानकारों की मानें तो मालदीव सरकार भारत का प्रभाव अपने देश से कम करना चाहती है। पाकिस्तान-मालदीप के बीच उभर रही दोस्ती भारत के लिए निश्चित तौर पर चिंताजनक बात है।
चीन से दोस्ती, भारत से बेरुखी
मालदीव में भारत के सहयोग से कई प्रॉजेक्ट चल रहे हैं, जिसको पूरा करने में सरकार कोताही बरत रही है। जबकि चीन के सहयोग से जो प्रॉजेक्ट चल रहे हैं उनमें तेजी देखी जा रही है। मालदीव में एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने बताया, ' पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रपति यामीन ने जो समझौता किया है उसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।
यह गिफ्ट भी मालदीव ने लेने से किया इनकार
इससे पहले पिछले महीने जून में मालदीव ने भारत से तोहफे में मिले दोनों हेलिकॉप्टर को वापस करने का फैसला किया था। बता दें कि भारत ने मालदीव को ध्रुव हेलिकॉप्टर गिफ्ट करने के साथ ही 6 पायलट और दर्जनों ग्राउंड स्टाफ भी दिया था। इसके अलावा 10 कोस्टल सर्विलांस रेडार सिस्टम विकसित करने में भारत मालदीव की मदद कर रहा है। लेकिन अब यामीन सरकार ने इसे लेने से मना कर दिया है। जानकारों की माने तो चीन के दबाव के चलते मालदीव भारत से कोई समझौता नहीं करना चाहता है। इस तरह के विरोध से वह जताना चाहता है कि उसे भारत की मदद की कोई आवश्यकता नहीं है।